सरगुजा पुलिस परिवार का गौरव बने अनिमेष कुजूर, सम्मान से खिला प्रतिभा का चेहरा
10.14 सेकंड में 100 मीटर की दूरी तय कर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का परचम लहराने वाले धावक का सम्मान, युवाओं को मेहनत और अनुशासन से सपने साकार करने का संदेश
अम्बिकापुर। किसी परिवार के लिए इससे बड़ी खुशी क्या होगी कि उसकी मेहनत और संस्कारों से निकला बेटा देश का नाम रोशन करे। जब यह उपलब्धि पूरे प्रदेश और देश के गौरव से जुड़ जाए, तो सम्मान का वह क्षण हर उस युवा के लिए प्रेरणा बन जाता है, जो आंखों में बड़े सपने लेकर आगे बढ़ रहा है। छत्तीसगढ़ की धरती से निकलकर एथलेटिक्स के अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी रफ्तार का लोहा मनवाने वाले अनिमेष कुजूर की सफलता ने सरगुजा पुलिस परिवार को भी गौरवान्वित किया है।
इसी उपलब्धि के सम्मान में रक्षित केंद्र अम्बिकापुर के सभाकक्ष में वर्ष 2026 में समारोह आयोजित किया गया। पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज आईपीएस श्री दीपक झा तथा डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा आईपीएस श्री राजेश अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में हुए इस कार्यक्रम में अनिमेष को उनकी उल्लेखनीय खेल उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। वे सरगुजा पुलिस में पदस्थ उप पुलिस अधीक्षक श्री अमृत कुजूर के सुपुत्र हैं।
रफ्तार के साथ रिकॉर्ड भी, अंतरराष्ट्रीय मंच पर बढ़ाया देश का मान
अनिमेष कुजूर की उपलब्धियां केवल पदकों और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे उस संघर्ष की कहानी भी कहती हैं, जिसमें निरंतर अभ्यास, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति समर्पण सबसे बड़ी ताकत बनते हैं। उन्होंने 100 मीटर दौड़ में 10.14 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज कर जर्मनी के वेट्ज़लर में विदेश में सबसे तेज भारतीय धावक होने का गौरव हासिल किया। वहीं, 200 मीटर दौड़ में 20.32 सेकंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड भी उनके नाम दर्ज है।डायमंड लीग में हिस्सा लेने और विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय पुरुष धावक के रूप में भी उनकी उपलब्धियों का उल्लेख किया गया। एशियाई खेल 2026 और एशियाई रिले चैंपियनशिप में कांस्य पदक के साथ सीनियर फेडरेशन कप 2026 तथा इंटर-स्टेट प्रतियोगिता 2026 में स्वर्ण पदक जीतकर उन्होंने अपनी प्रतिभा का परिचय दिया।
2 जून 2003 को छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के ग्राम घुंटगांव में जन्मे अनिमेष की सफलता प्रदेश के उन युवाओं के लिए खास मायने रखती है, जो सीमित संसाधनों के बीच अपने सपनों को आकार देने में जुटे हैं। उनकी उपलब्धियां बताती हैं कि मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर मेहनत के सहारे स्थानीय मैदानों से निकलकर भी विश्वस्तरीय पहचान बनाई जा सकती है।
युवाओं के लिए प्रेरणा, मेहनत और अनुशासन का संदेश
समारोह में पुलिस महानिरीक्षक आईपीएस श्री दीपक कुमार झा और डीआईजी एवं एसएसपी आईपीएस श्री राजेश अग्रवाल ने अनिमेष की उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि उनकी सफलता युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है। खेल के प्रति समर्पण, नियमित अभ्यास और लक्ष्य हासिल करने की लगन से उन्होंने जो मुकाम प्राप्त किया है, वह नई पीढ़ी को आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है।कार्यक्रम में मौजूद पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए भी यह अवसर गर्व का रहा। पुलिस परिवार से जुड़े एक युवा का राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाना इस बात का उदाहरण है कि प्रतिभा को मेहनत और सही दिशा मिले, तो उपलब्धियों की नई राह खुल सकती है।
साइबर जागरूकता अभियान में भी सरगुजा पुलिस अव्वल
समारोह के समापन पर सरगुजा पुलिस की एक अन्य उपलब्धि का भी उल्लेख किया गया। पुलिस मुख्यालय से प्राप्त साइबर जागृति अभियान के अंतर्गत सरगुजा पुलिस को रेंज में प्रथम स्थान मिलने पर पुलिस महानिरीक्षक द्वारा डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा को मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान किया गया। इस उपलब्धि ने आयोजन के महत्व को और बढ़ा दिया।इस अवसर पर नगर पुलिस अधीक्षक श्री प्रतीक बंसोड़ (प्रशिक्षु आईपीएस), उप पुलिस अधीक्षक श्री तुल सिंह पट्टावी, रक्षित निरीक्षक श्रीमती तृप्ति सिंह राजपूत, प्रशिक्षु सूबेदार पेमिन वर्मा, प्रशिक्षु सूबेदार गुलशन चंद्रा सहित पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और पुलिस परिवार के सदस्य उपस्थित रहे। कुलमिलाकर अनिमेष कुजूर का सम्मान केवल एक खिलाड़ी की सफलता का अभिनंदन नहीं, बल्कि उन सपनों का सम्मान भी है, जो कठिन परिश्रम के सहारे हकीकत बनते हैं। उनकी उपलब्धियां छत्तीसगढ़ के युवाओं को यह विश्वास देती हैं कि अपनी प्रतिभा पर भरोसा रखकर आगे बढ़ने वाले कदम एक दिन देश के गौरव की पहचान बन सकते हैं।
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