हेलमेट नहीं पहनने की लापरवाही पड़ रही भारी, उजड़ रहे परिवारों के चिराग
सरगुजा पुलिस की अपील, जिंदगी अनमोल है, घर पर कोई आपका इंतजार कर रहा है
अम्बिकापुर। घर से निकलते वक्त शायद ही कोई सोचता है कि यह सफर उसकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। पीछे छूट जाते हैं इंतजार करते माता-पिता, भाई-बहन, जीवनसाथी और वे मासूम बच्चे, जिनकी दुनिया अपने अपनों के इर्द-गिर्द ही सिमटी होती है। सड़क पर बरती गई चंद पलों की लापरवाही कभी-कभी पूरे परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लेती है। सरगुजा में हाल के दिनों में हुए दर्दनाक सड़क हादसों ने एक बार फिर दोपहिया वाहन चालकों की सुरक्षा और हेलमेट पहनने की अनिवार्यता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।इन घटनाओं को संज्ञान में लेते हुए डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा आईपीएस श्री राजेश अग्रवाल ने नागरिकों से हेलमेट पहनकर ही दोपहिया वाहन चलाने की अपील की है। उन्होंने सभी थाना और चौकी प्रभारियों को भी अभियान चलाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए हैं, ताकि दुर्घटनाओं में होने वाली जनहानि को प्रभावी ढंग से रोका जा सके।
कहीं सिर की चोट ने छीन ली जिंदगी, कहीं जिंदगी और मौत से जूझते रहे युवा
सरगुजा में सामने आए हालिया हादसों की तस्वीर बेहद चिंताजनक है। सीतापुर थाना क्षेत्र में हुई एक दुर्घटना में दो पुरुष बिना हेलमेट के दोपहिया वाहन चला रहे थे। हादसे के दौरान सिर में गंभीर चोट लगने से दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। उनके जाने से परिवारों पर जो दुखों का पहाड़ टूटा, उसकी भरपाई अब किसी भी तरह संभव नहीं है।इसी तरह उदयपुर थाना क्षेत्र के ग्राम दावा में सड़क दुर्घटना में दो युवकों की जान चली गई। यहां भी सिर पर लगी गंभीर चोटें जानलेवा साबित हुईं। जिन घरों में कभी अपनों की हंसी गूंजती थी, वहां अब उनकी यादें और बिछड़ने का असहनीय दर्द रह गया है।वहीं, लखनपुर थाना क्षेत्र के लहपटरा में चार युवक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए। इन घटनाओं में वाहन चालकों द्वारा हेलमेट नहीं पहने जाने की बात सामने आई है। हादसों के ये मामले बताते हैं कि सड़क पर सुरक्षा के प्रति बरती गई छोटी-सी लापरवाही कितनी बड़ी कीमत वसूल सकती है।
हेलमेट चालान से बचने का नहीं, जिंदगी बचाने का साधन
डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हेलमेट को केवल पुलिस कार्रवाई या जुर्माने से बचने का जरिया न समझें। यह दुर्घटना के समय सिर को गंभीर चोट से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है और जीवन रक्षा की संभावना बढ़ाता है।उन्होंने पुरुषों के साथ कामकाजी महिलाओं सहित सभी दोपहिया वाहन चालकों और पीछे बैठने वाले यात्रियों से भी आईएसआई मार्क वाला हेलमेट पहनने तथा उसकी स्ट्रैप ठीक से बांधने की अपील की है। केवल हेलमेट साथ रखना पर्याप्त नहीं, उसे सही तरीके से पहनना भी जरूरी है।
अपनों की खातिर बरतें सावधानी
सड़क पर निकलते समय एक बार उन चेहरों को जरूर याद कीजिए, जो आपकी सुरक्षित वापसी की राह देखते हैं। मां-बाप की उम्मीदें, जीवनसाथी का भरोसा और बच्चों की आंखों में बसा भविष्य आपकी सलामती से जुड़ा है। किसी परिवार को असमय अपने प्रियजन को खोने का दर्द न झेलना पड़े, इसके लिए हर व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी।परिवार और दोस्तों को भी हेलमेट पहनने के लिए प्रेरित करें। वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करें, गति सीमा का पालन करें और जल्दबाजी में अपनी तथा दूसरों की जान जोखिम में न डालें।
सुरक्षित सफर का लें संकल्प
सरगुजा पुलिस की अपील साफ है कि दोपहिया वाहन बिना हेलमेट के न चलाएं और न ही बिना हेलमेट पहने किसी को अपने साथ बैठाएं। सड़क सुरक्षा को केवल नियमों तक सीमित रखने के बजाय रोजमर्रा की आदत बनाना जरूरी है।याद रखिए, मंजिल पर कुछ मिनट देर से पहुंचना कोई बड़ी बात नहीं, लेकिन अपनों के बीच सुरक्षित लौटना सबसे जरूरी है। आपकी जिंदगी केवल आपकी नहीं, आपके पूरे परिवार की उम्मीद है। हेलमेट पहनें, यातायात नियमों का पालन करें और हर सफर के बाद सुरक्षित घर लौटकर अपनों के चेहरे पर मुस्कान बनाए रखें।
What's Your Reaction?
Like
0
Dislike
0
Love
0
Funny
0
Wow
0
Sad
0
Angry
0
Comments (0)