कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन में डॉ. आर.एस. सिंह के नेतृत्व पर फिर जताया भरोसा, निर्विरोध बने जिला संयोजक
सर्वसम्मति से दोबारा मिली जिम्मेदारी, कर्मचारी संगठनों ने एकजुट होकर जताया विश्वास
सूरजपुर। किसी भी संगठन की असली ताकत उसके पदों में नहीं, बल्कि उस भरोसे में होती है, जिसे वह अपने साथियों के बीच वर्षों की मेहनत और समर्पण से अर्जित करता है। सूरजपुर जिले में कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के जिला संयोजक पद पर डॉ. आर.एस. सिंह का एक बार फिर निर्विरोध चयन इसी विश्वास और स्वीकार्यता की तस्वीर पेश करता है। उनके नाम पर बनी सर्वसम्मति ने यह संदेश दिया कि कर्मचारी संगठनों के बीच उनका नेतृत्व आज भी उतना ही प्रभावी और विश्वसनीय है।छत्तीसगढ़ प्रदेश के प्रमुख कर्मचारी संगठनों के साझा मंच कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन में जिला संयोजकों के चयन की प्रक्रिया इन दिनों प्रदेशभर में चल रही है। प्रांतीय संयोजक कमल वर्मा ने इसके लिए विभिन्न जिलों में पर्यवेक्षकों की नियुक्ति की है। इसी कड़ी में सूरजपुर जिले की निर्वाचन प्रक्रिया संपन्न कराने प्रांतीय पर्यवेक्षक ओंकार सिंह, रोहित तिवारी, जी.आर. चंद्रा, डॉ. नृपेंद्र सिंह एवं सत्येंद्र देवांगन जिला अस्पताल के सभागार पहुंचे।पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में जब जिला संयोजक पद के लिए नाम प्रस्तावित करने की प्रक्रिया शुरू हुई, तो छत्तीसगढ़ प्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष मनीष दीपक साहू ने डॉ. आर.एस. सिंह के नाम का प्रस्ताव रखा। इसे छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सचिन त्रिपाठी तथा छत्तीसगढ़ सहायक शिक्षक समग्र शिक्षक फेडरेशन के अध्यक्ष शशि भूषण दुबे ने समर्थन दिया। देखते ही देखते सभागार में मौजूद अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी इस प्रस्ताव पर सहमति जता दी। किसी दूसरे नाम की दावेदारी सामने नहीं आने और सर्वसम्मति बनने के बाद पर्यवेक्षकों ने डॉ. सिंह को पुनः निर्विरोध जिला संयोजक निर्वाचित घोषित किया।इस मौके पर कर्मचारी जगत के विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने आयोजन को विशेष बना दिया। इनमें मोहम्मद इकबाल अंसारी (प्रदेश लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ), आदित्य शर्मा (स्वास्थ्य संयोजक कर्मचारी संघ), दयानंद चौबे (छत्तीसगढ़ पेंशनर समाज), राजेश कुमार साहू (राजस्व पटवारी संघ), आर.जी.पी. गुप्ता (संयुक्त स्वास्थ्य कर्मचारी संघ छत्तीसगढ़), गोपाल विश्वकर्मा (सर्व शिक्षक संघ), हुलेश्वर प्रसाद गुप्ता (छत्तीसगढ़ लिपिक वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ), सतीश प्रताप सिंह देव (छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष प्रतिनिधि), रवि कुमार राजवाड़े (वन कर्मचारी संघ), शिवकुमार (लघु वेतन शासकीय चतुर्थ वर्ग कर्मचारी संघ के जिला प्रतिनिधि), राजकुमार सिंह (सीएसी संघ), एकांत कुमार जायसवाल (राज्य स्तरीय छात्रावास अधीक्षक संघ), रमेश राजवाड़े (शासकीय वाहन चालक संघ के प्रदेश महामंत्री), राकेश सेंकराज (प्रदेश शिक्षक महासंघ) तथा मंजू (प्रदेश नर्सेज एसोसिएशन) सहित अनेक पदाधिकारी शामिल रहे।डॉ. आर.एस. सिंह का दोबारा निर्विरोध चुना जाना महज एक संगठनात्मक निर्वाचन नहीं, बल्कि उन उम्मीदों और भरोसे का सम्मान भी है, जो जिले के अधिकारी-कर्मचारी उनसे लगाए बैठे हैं। सरकारी दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों की समस्याएं, लंबित मांगें, सेवा संबंधी विसंगतियां और अधिकारों से जुड़े सवाल अक्सर ऐसे मंच की अपेक्षा करते हैं, जहां उनकी आवाज संगठित रूप से उठाई जा सके। ऐसे में अलग-अलग विचारधाराओं और विभागों से जुड़े संगठनों का एक नाम पर सहमत होना अपने आप में महत्वपूर्ण है।उपस्थित पदाधिकारियों ने उम्मीद जताई कि डॉ. सिंह के अनुभव और सक्रिय भूमिका से फेडरेशन आने वाले समय में कर्मचारी-अधिकारी हितों की लड़ाई को नई मजबूती देगा। साथ ही संगठन की एकजुटता बनाए रखते हुए जायज मांगों को शासन-प्रशासन तक प्रभावी ढंग से पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा।
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