मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने लोकतंत्र के प्रति जनविश्वास मजबूत करने का किया आह्वान, भैयाथान में ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत प्रबुद्धजन सम्मेलन आयोजित
‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत भैयाथान में विधानसभा स्तरीय सम्मेलन, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा, विरोध का अधिकार है, लेकिन आमजन की परेशानी और अव्यवस्था किसी भी सूरत में उचित नहीं
सूरजपुर। लोकतंत्र केवल चुनाव कराने या सत्ता चुनने की व्यवस्था भर नहीं है, बल्कि यह नागरिकों के विश्वास, संवैधानिक मर्यादाओं और आपसी जिम्मेदारियों से मजबूत होता है। जब चुनावी प्रक्रिया और लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर समाज में सवाल खड़े होते हैं, तब सही जानकारी और तथ्यात्मक संवाद की जिम्मेदारी और बढ़ जाती है। इसी उद्देश्य को लेकर भारतीय जनता पार्टी के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के अंतर्गत रविवार को भटगांव विधानसभा क्षेत्र के भैयाथान स्थित मंगल भवन में विधानसभा स्तरीय प्रबुद्धजन सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें छत्तीसगढ़ शासन की कैबिनेट मंत्री एवं भटगांव विधायक श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं।सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि लोकतंत्र की असली ताकत जनता का भरोसा है। इस विश्वास को कायम रखने के लिए प्रत्येक नागरिक को चुनाव प्रक्रिया, मतदाता सूची तथा संवैधानिक संस्थाओं की भूमिका की सही जानकारी होना आवश्यक है। उन्होंने SIR और ‘वोट चोरी’ जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन विषयों पर देशभर में राजनीतिक बहस जारी है। ऐसे माहौल में समाज के जागरूक और प्रबुद्ध लोगों का दायित्व है कि वे भ्रम और आरोपों से परे तथ्यों के आधार पर लोगों को वास्तविक स्थिति से अवगत कराएं।उन्होंने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सवाल उठाना, असहमति व्यक्त करना और अपने विचार रखना प्रत्येक नागरिक का अधिकार है, लेकिन किसी भी मुद्दे पर चर्चा प्रमाणों और जिम्मेदार व्यवहार के साथ होनी चाहिए। समाज के वरिष्ठजनों, शिक्षाविदों और जागरूक नागरिकों से उन्होंने आग्रह किया कि वे आम लोगों के बीच चुनावी व्यवस्था की समझ विकसित करें तथा संवैधानिक संस्थाओं के प्रति भरोसा बनाए रखने में सहभागी बनें।मंत्री ने कहा कि ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान का मकसद समाज के अलग-अलग वर्गों तक पहुंचकर लोकतांत्रिक मूल्यों और संवैधानिक व्यवस्थाओं पर सार्थक संवाद स्थापित करना है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक विरोध की आड़ में अराजकता का वातावरण तैयार करने का आरोप लगाते हुए कहा कि दिल्ली में बड़े पैमाने पर किए जा रहे प्रदर्शनों का असर आम नागरिकों, व्यापारियों और छोटे कारोबारियों की रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ता है। विशेषकर त्योहारों के महत्वपूर्ण समय में व्यापारिक गतिविधियों में बाधा आने से उन लोगों की आजीविका प्रभावित होती है, जिनकी रोजी-रोटी प्रतिदिन के कारोबार पर निर्भर है।उन्होंने युवाओं को लेकर चिंता जाहिर करते हुए कहा कि उनकी ऊर्जा समाज और राष्ट्र के सकारात्मक निर्माण में लगनी चाहिए। उन्हें तथ्यों, विचारों और रचनात्मक संवाद से जोड़ने की आवश्यकता है, न कि भड़काऊ नारों, अभद्र व्यवहार और अव्यवस्था की ओर प्रेरित करने की। लोकतंत्र में विरोध का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी आड़ में आम लोगों को परेशान करना या सार्वजनिक व्यवस्था बाधित करना उचित नहीं ठहराया जा सकता।उन्होंने कहा कि किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था की सार्थकता तभी है, जब नागरिक न केवल अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हों, बल्कि अपने कर्तव्यों को भी समझें। जनजागरूकता, सामाजिक सहभागिता और जिम्मेदार संवाद के जरिए ही लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत किया जा सकता है।
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में पूर्व भाजपा जिलाध्यक्ष रामकृपाल साहू ने अपने विचार रखे। विशिष्ट अतिथि भाजपा प्रदेश मंत्री एवं जिला प्रभारी शिवनाथ यादव तथा भाजपा सूरजपुर जिलाध्यक्ष मुरली मनोहर सोनी उपस्थित रहे। जिला पंचायत अध्यक्ष चंद्रमणि पैकरा, विभिन्न जनपद पंचायतों के अध्यक्ष एवं सदस्य, मंडल पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, वरिष्ठ नागरिक और बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी सम्मेलन में सहभागिता निभाई।
सम्मेलन के समापन पर अभियान के उद्देश्यों को जनसामान्य तक पहुंचाने और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। वक्ताओं ने सामाजिक जीवन में संवाद, संवैधानिक मर्यादा और नागरिक जिम्मेदारी को महत्व देते हुए कहा कि लोकतंत्र की मजबूती केवल संस्थाओं की जवाबदेही से नहीं, बल्कि जागरूक नागरिकों की सक्रिय भागीदारी से भी सुनिश्चित होती है।
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