बदहाल सड़क, डॉक्टरों की कमी और बिजली संकट पर कांग्रेस का हल्लाबोल
प्रेमनगर में जनसमस्याओं को लेकर धरना-प्रदर्शन और चक्काजाम, समाधान की उठी मांग
सूरजपुर। सड़क पर सफर करना मुश्किल हो, बीमार को समय पर इलाज न मिले और घरों में बिजली की अनियमितता से रोजमर्रा की जिंदगी प्रभावित हो, तो आम आदमी की परेशानी केवल शिकायत बनकर नहीं रह जाती, बल्कि उसके जीवन का संघर्ष बन जाती है। क्षेत्र की इन्हीं बुनियादी समस्याओं को लेकर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी प्रेमनगर ने सोमवार को जनहित की मांगों के साथ धरना-प्रदर्शन एवं चक्काजाम कर अपना विरोध दर्ज कराया।ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष अरविंद यादव के नेतृत्व में आयोजित इस आंदोलन में रामानुजनगर से तारा मार्ग की जर्जर और अधूरी सड़क, प्रेमनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी तथा बिजली संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य और बिजली जैसी आवश्यक सुविधाएं आम नागरिक के जीवन से सीधे जुड़ी हैं। इन व्यवस्थाओं में खामियों का खामियाजा आखिरकार क्षेत्र के लोगों को भुगतना पड़ता है।
कार्यक्रम में जिला प्रभारी एवं पूर्व विधायक गुलाब कमरो तथा जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शशि सिंह सहित पार्टी के पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि, कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने संबंधित समस्याओं के जल्द निराकरण की मांग करते हुए प्रशासन का ध्यान क्षेत्र की बदहाल व्यवस्थाओं की ओर आकृष्ट कराया।
आंदोलन में मेंहदी यादव, स्माइल खान, रोहित कनौजे, दीपन मानिकपुरी, तुलसी यादव, सुखमनिया जगते, आलोक साहू, बसराम सोरी, असकरण गुप्ता, अखिलेश जायसवाल, कमलेश्वर सिंह, विजय देवांगन, रमेश साहू, रोशन पावले, धर्मेंद्र प्रजापति, विजय महंत, दिनेश बंजारा, नरेंद्र सिंह अरमो, बालेश्वर दास, भुवंती सरदार, आलोक जगते, विद्यावती सिंह, देवेंद्र कुमारी, हेमंती सिंह, झमन गणेश्वर, सत्यनारायण, पारस सारथी, रूपेश मरावी, अरबाज अली, मोतीलाल, आदेश, रवि, श्रीराम, पतिराम और मनराज सिंह सहित अन्य लोग शामिल हुए।इस दरम्यान कांग्रेस नेताओं ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र की जनता को सुरक्षित आवागमन, समय पर उपचार और निर्बाध बिजली उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि सड़क निर्माण एवं मरम्मत की समस्या दूर करने, स्वास्थ्य केंद्र में पर्याप्त चिकित्सक और कर्मचारी उपलब्ध कराने तथा बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।अब क्षेत्रवासियों की निगाहें प्रशासन की पहल पर टिकी हैं। धरना-प्रदर्शन के जरिए उठाई गई इन मांगों पर समय रहते कार्रवाई होती है या लोगों को अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए आगे भी आवाज बुलंद करनी पड़ेगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।
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