मतदाता सूची पर कांग्रेस का सवाल, लोकतंत्र और वोट के अधिकार की लड़ाई तेज
अम्बिकापुर में जुटे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और बीएलओ, दिल्ली रैली की तैयारियों पर हुआ मंथन
अम्बिकापुर। लोकतंत्र की असली ताकत जनता के वोट में बसती है। ऐसे में यदि किसी पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची से छूट जाए, तो सवाल केवल एक नाम का नहीं, बल्कि उसके लोकतांत्रिक अधिकार का भी बन जाता है। इसी मुद्दे को लेकर कांग्रेस ने अपने ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ आंदोलन के अगले चरण की तैयारियां शुरू कर दी हैं। सोमवार को जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा के राजीव भवन कार्यालय में आयोजित बैठक में मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के साथ 1 नवंबर को दिल्ली में होने वाली रैली को सफल बनाने की रणनीति तैयार की गई।एआईसीसी के पर्यवेक्षक देवाशीष पटनायक की अध्यक्षता में हुई बैठक में पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव और छत्तीसगढ़ कांग्रेस की सहप्रभारी जरिता लैतफलांग ने भी कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इस दौरान जिला कांग्रेस के वरिष्ठ पदाधिकारी, ब्लॉक व मंडल अध्यक्ष, जिला कार्यकारिणी के सदस्य तथा बड़ी संख्या में बीएलओ मौजूद रहे।
एसआईआर प्रक्रिया पर पटनायक ने उठाए सवाल
एआईसीसी पर्यवेक्षक देवाशीष पटनायक ने एसआईआर प्रक्रिया को गैर-संवैधानिक बताते हुए दावा किया कि इसके जरिए देश में करीब 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए गए हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और इंडिया गठबंधन इस मुद्दे पर संघर्ष कर रहे हैं। राहुल गांधी के नेतृत्व में चल रही लड़ाई को उन्होंने किसी एक नेता तक सीमित न मानते हुए देश के नागरिकों के अधिकारों से जुड़ा विषय बताया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से पूरी प्रतिबद्धता के साथ अभियान में जुटने की अपील की।
छूटे हुए नामों को जोड़ने की प्रक्रिया पर सिंहदेव की आपत्ति
पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि एसआईआर के बाद निर्वाचन आयोग द्वारा एसएसआर की प्रक्रिया कराई जा रही है, जो उनके अनुसार पहले चरण में रही कमियों पर सवाल खड़े करती है। उन्होंने एसआईआर में छूटे मतदाताओं के नाम जोड़ने के लिए फार्म-6 के इस्तेमाल पर चिंता जताई। उनके मुताबिक, फार्म-6 नए मतदाताओं के पंजीयन के लिए निर्धारित है। ऐसे में पहले से पात्र होने के बावजूद एसआईआर में छूट गए लोगों के नाम जोड़ने के लिए इसका उपयोग भविष्य में कानूनी उलझन पैदा कर सकता है। उन्होंने सुझाव दिया कि ऐसे नागरिकों के लिए संशोधित प्रपत्र को संसद के माध्यम से स्वीकृति दिलाकर एसएसआर के तहत नाम जोड़ने की व्यवस्था की जानी चाहिए।उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं को मतदाता सूचियों की सावधानीपूर्वक जांच करने की सलाह दी। भाजपा पर चुनाव के करीब मतदाता सूची में गड़बड़ी की तैयारी करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने उत्तर प्रदेश के पीलीभीत शहर विधानसभा क्षेत्र का भी उल्लेख किया। सिंहदेव ने निर्वाचन आयोग की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस को ऐसी कथित अनियमितताओं के खिलाफ सजग रहना होगा।
संगठन की एकजुटता पर जोर
कांग्रेस की छत्तीसगढ़ सहप्रभारी जरिता लैतफलांग ने आंदोलन के तीसरे चरण की रूपरेखा साझा करते हुए कार्यकर्ताओं से अनुशासन और निष्ठा के साथ जुटने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि अभियान को प्रभावी बनाने के लिए संगठन के प्रत्येक स्तर पर सक्रियता जरूरी है।वहीं, 20 सूत्रीय कार्यक्रम क्रियान्वयन समिति के पूर्व उपाध्यक्ष अजय अग्रवाल ने भाजपा पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वह चुनाव में अधिकारियों के सहारे लाभ लेने की कोशिश करेगी। उन्होंने कांग्रेसजनों से कथित अनियमितताओं के खिलाफ एकजुट होकर काम करने की अपील की।बैठक में मतदाता सूची की निगरानी, पात्र नागरिकों के छूटे नामों से जुड़े मामलों और दिल्ली में प्रस्तावित रैली की तैयारियों पर विचार-विमर्श किया गया। कार्यक्रम का संचालन जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने किया।
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