महिलाओं की ताकत से मजबूत होगा राज्य — मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े
‘लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट’ से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ते कदम
रायपुर, 19 अप्रैल 2026।नया रायपुर के एक साधारण से आयोजन ने असाधारण संदेश दिया - जब महिलाएं अपने पैरों पर खड़ी होती हैं, तो सिर्फ उनका घर नहीं, पूरा राज्य मजबूती की नई इबारत लिखता है। इसी विश्वास को साकार करते हुए महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने राज्य स्तरीय ‘लक्ष्मी सखी मिलेट्स कार्ट’ वितरण कार्यक्रम में महिलाओं के हाथों में सिर्फ एक कार्ट नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की चाबी सौंपी।अपने उद्बोधन में उन्होंने बड़ी संवेदनशीलता से कहा कि महिला सशक्तिकरण कोई योजना भर नहीं, बल्कि एक सतत यात्रा है - आत्मविश्वास, अवसर और सम्मान की यात्रा। जैसे-जैसे महिलाएं आगे बढ़ती हैं, वैसे-वैसे समाज की नींव और भी मजबूत होती जाती है।कार्यक्रम में विभिन्न स्व-सहायता समूहों की महिलाओं को ‘मिलेट्स कार्ट’ और प्रोत्साहन राशि के चेक वितरित किए गए। यह पहल अब केवल योजना नहीं रही, बल्कि कई परिवारों की आर्थिक रीढ़ बन चुकी है।
मंत्री ने बताया कि ‘मिलेट्स कार्ट’ अभियान महिलाओं के लिए स्वरोजगार का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। कांकेर जिले के नरहरपुर ग्राम की श्रीमती लोकेश्वरी रसिया और अन्य महिलाएं प्रतिदिन 2 से 3 हजार रुपये तक तथा प्रतिमाह 25 से 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। यह उदाहरण बताता है कि यदि अवसर और संसाधन मिलें, तो महिलाएं अपनी मेहनत से आर्थिक स्वतंत्रता की नई ऊंचाइयों को छू सकती हैं।मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार का लक्ष्य महिलाओं को ‘लखपति दीदी’ बनाना है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर समाज में सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें। उन्होंने बताया कि महिला कोष योजना और सक्षम योजना जैसी पहलों के माध्यम से महिलाओं को बेहद कम ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे वे छोटे-छोटे व्यवसाय शुरू कर आर्थिक रूप से सशक्त बन रही हैं।
सरकार के आंकड़े भी इस बदलाव की कहानी बयां करते हैं - हजारों महिलाएं अब पापड़ निर्माण, श्रृंगार सामग्री, किराना दुकान जैसे कार्यों से जुड़कर अपनी आय बढ़ा रही हैं। पहले जहां ये महिलाएं केवल घर की जिम्मेदारियों तक सीमित थीं, वहीं अब वे परिवार की आर्थिक धुरी बन चुकी हैं।उल्लेखनीय है कि अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर बस्तर से शुरू हुआ ‘लक्ष्मी मिलेट्स कार्ट’ अभियान अब पूरे प्रदेश में महिलाओं के लिए अवसरों के नए द्वार खोल रहा है।कार्यक्रम में कई जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं। हर चेहरे पर आत्मविश्वास की चमक थी - मानो ये कह रही हों कि अब वे सिर्फ लाभार्थी नहीं, बल्कि बदलाव की भागीदार हैं। कुलमिलाकर यह पहल सिर्फ कार्ट बांटने की नहीं, बल्कि सपनों को पंख देने की है… जहां हर महिला अपने संघर्ष को सफलता में बदल रही है।