नवा तरिया से धुमाडांड पारा में जल संरक्षण की नई उम्मीद, तालाब निर्माण से ग्रामीणों को मिलेगा रोजगार और सिंचाई का सहारा
रामानुजनगर। गर्मी के दिनों में पानी के लिए जूझते ग्रामीण इलाकों में बारिश की हर बूंद को सहेजना किसी बड़ी पूंजी से कम नहीं है। इसी जरूरत को देखते हुए ग्राम पंचायत बरबसपुर के धुमाडांड पारा में नवा तरिया के तहत नवीन तालाब का निर्माण कराया जा रहा है। यह तालाब आने वाले दिनों में सिर्फ पानी जमा करने का स्थान नहीं, बल्कि खेती, पशुपालन और ग्रामीण आजीविका के लिए सहारा बनने की उम्मीद जगाता है।तालाब निर्माण का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को सहेजना और उसका उपयोग स्थानीय जरूरतों के लिए करना है। बरसात के दौरान बहकर निकल जाने वाला पानी अब तालाब में संग्रहित हो सकेगा। इससे आसपास के खेतों को सिंचाई के लिए पानी मिलने की संभावना बढ़ेगी, वहीं भू-जल स्तर को भी रिचार्ज करने में मदद मिलेगी।
ग्रामीणों के लिए रोजगार का भी बना जरिया
तालाब निर्माण कार्य ने गांव के ही श्रमिकों को रोजगार का अवसर दिया है। कार्यस्थल पर ग्रामीण मेहनत कर ऐसी स्थायी परिसंपत्ति तैयार कर रहे हैं, जिसका लाभ उन्हें आने वाले वर्षों तक मिल सकेगा। गांव में ही रोजगार मिलने से ग्रामीण परिवारों को आय का सहारा मिला है और काम की तलाश में बाहर जाने की मजबूरी भी कम होगी।पर्याप्त पानी उपलब्ध होने पर खेती के साथ पशुपालन जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। ऐसे में यह तालाब ग्रामीणों के लिए केवल जल संग्रहण की संरचना नहीं, बल्कि उनकी आजीविका को मजबूत करने वाला आधार बन सकता है।
बारिश की बूंदों को भविष्य के लिए सहेजने की पहल
धुमाडांड पारा में बन रहा यह तालाब ग्रामीणों के लिए आने वाले समय की उम्मीद लेकर आया है। खेतों में हरियाली, मवेशियों के लिए पानी और गांव के आसपास बढ़ता भू-जल स्तर इस पहल के संभावित परिणाम हो सकते हैं। नवा तरिया के तहत कराया जा रहा यह कार्य प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ ग्रामीणों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।