स्कूलों में पहुंचा साइबर जागृति अभियान, एक हजार से अधिक विद्यार्थियों और शिक्षकों को किया जागरूक
साइबर सुरक्षा की सेल्फी बनी जागरूकता का संदेश, ठगी होने पर 1930 पर तत्काल शिकायत की अपील
सूरजपुर। मोबाइल और इंटरनेट आज जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इसके साथ साइबर ठगी का खतरा भी लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में लोगों को सतर्क करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस के “साइबर जागृति अभियान” के तहत सूरजपुर जिले में भी व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को जिले के अलग-अलग थाना और चौकी क्षेत्रों में पुलिस की टीमों ने स्कूलों, सार्वजनिक स्थलों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में पहुंचकर विद्यार्थियों, शिक्षकों और नागरिकों को साइबर अपराध से बचाव के तरीके बताए।पुलिस अधीक्षक सूरजपुर आईपीएस योगेश कुमार पटेल के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार देवांगन के मार्गदर्शन में आयोजित इन कार्यक्रमों में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और नागरिकों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया।अभियान के दौरान लोगों को “मैं जागरूक हूं, साइबर क्राइम से मुक्त हूं” संदेश के साथ साइबर जागरूकता की सेल्फी लेने के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस की इस पहल में शिक्षकों और नागरिकों ने भी उत्साह दिखाया। कई लोगों ने सेल्फी लेकर उसे सोशल मीडिया पर साझा किया, जिससे जागरूकता का संदेश उनके परिचितों और अन्य लोगों तक भी पहुंचा।पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर जागरूकता की यह सेल्फी महज एक तस्वीर नहीं है, बल्कि लोगों को सावधान करने का माध्यम बन रही है। सोशल मीडिया पर एक व्यक्ति द्वारा सेल्फी साझा करने के बाद उसके संपर्क में आने वाले दूसरे लोग भी अभियान से जुड़ रहे हैं। इस तरह जागरूकता का संदेश एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति तक पहुंच रहा है।स्कूलों में बच्चों को विशेष रूप से ऑनलाइन ठगी, संदिग्ध लिंक, फर्जी कॉल, सोशल मीडिया पर होने वाले अपराध और ऑनलाइन बैंकिंग के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में जानकारी दी जा रही है। बच्चों से यह भी कहा गया कि वे अपने माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करें।सूरजपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि इंटरनेट, सोशल मीडिया और ऑनलाइन बैंकिंग का इस्तेमाल करते समय सावधानी बरतें। किसी अनजान व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक संबंधी जानकारी, पासवर्ड या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक और संदेशों पर क्लिक करने से बचें।
पुलिस ने साफ कहा है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ साइबर ठगी हो जाती है तो समय गंवाए बिना तत्काल 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। समय पर की गई शिकायत ठगी की रकम को रोकने और वापस दिलाने की कार्रवाई में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।