धान बेचने के बाद पांच माह तक अटकी रही हमाली की रकम, अब किसानों को मिली राहत:सोनपुर-कुर्रीडीह के 1,548 किसानों को मिले 6.91 लाख रुपये, बाकी समितियों में भुगतान कब..?
भैयाथान। धान खरीदी के दौरान हमाली के रूप में खर्च की गई रकम के लिए किसानों को करीब पांच महीने तक प्रतीक्षा करनी पड़ी। अब सोनपुर-कुर्रीडीह समिति से जुड़े 1,548 किसानों के बैंक खातों में कुल 6 लाख 91 हजार 280 रुपये 80 पैसे जमा किए गए हैं। पैसा मिलने से लंबे समय से इस भुगतान की राह देख रहे किसानों को कुछ राहत मिली है।इस मामले को लेकर किसानों ने दिसंबर में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े के समक्ष अपनी समस्या रखी थी। उन्होंने बताया था कि धान खरीदी के समय हमाली का खर्च उन्हीं से लिया गया, जबकि इसकी राशि वापस मिलनी थी। शिकायत के बाद मंत्री के निर्देश पर आदिम जाति सेवा सहकारी समिति सोनपुर ने भुगतान की प्रक्रिया शुरू की।समिति ने 23 अप्रैल 2026 को बैंक को भुगतान के लिए चेक जारी कर दिया था, लेकिन खातों में रकम पहुंचने में कई महीने लग गए। दोनों केंद्रों पर किसानों को 7 रुपये प्रति क्विंटल की दर से राशि दी गई है।सोनपुर (बंजा) खरीदी केंद्र से जुड़े 1,074 किसानों के खातों में 4 लाख 64 हजार 749 रुपये 60 पैसे, जबकि कुर्रीडीह केंद्र के 474 किसानों को 2 लाख 26 हजार 531 रुपये 20 पैसे प्राप्त हुए। इस तरह दोनों केंद्रों के सभी संबंधित किसानों को उनकी देय राशि मिल गई है।अब निगाहें जिले की दूसरी समितियों पर हैं। शिवप्रसादनगर, सावारांवा, केवरा, सिरसी, खोपा और भैयाथान सहित अन्य धान खरीदी केंद्रों से जुड़े किसानों को अभी अपनी हमाली राशि मिलने की प्रतीक्षा है।किसानों का कहना है कि धान बेचने के बाद मिलने वाली प्रत्येक देय राशि उनके लिए महत्वपूर्ण होती है। ऐसे भुगतान में अनावश्यक देरी से उन्हें अपनी जरूरतों के लिए अतिरिक्त आर्थिक दबाव झेलना पड़ता है। सोनपुर-कुर्रीडीह में भुगतान होने के बाद अब अन्य समितियों के अन्नदाताओं को भी अपने हिस्से की रकम जल्द मिलने की उम्मीद है।