दो गुना रकम के लालच में 8.50 लाख गंवाए, ठगी के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार

दो गुना रकम के लालच में 8.50 लाख गंवाए, ठगी के मामले में एक और आरोपी गिरफ्तार

शेयर करेंसी में रकम दोगुनी करने का झांसा देकर बनाया था भरोसा, कागज की गड्डी थमाकर ले गए थे 8.50 लाख रुपये; बिहार के कैमूर से पकड़ा गया शाहजाद अंसारी

सूरजपुर। मेहनत की कमाई को जल्दी दोगुना करने की चाह कभी-कभी इंसान को ऐसे जाल में पहुंचा देती है, जहां भरोसा ही सबसे बड़ा हथियार बन जाता है। रेवटी चौकी क्षेत्र के ग्राम गोवर्धनपुर में भी कुछ ऐसा ही हुआ। शेयर करेंसी में रकम लगाने पर दो से चार दिन में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर ठगों ने किराना दुकान संचालक सुनील पाण्डेय से 8 लाख 50 हजार रुपये ऐंठ लिए और बदले में नोटों की जगह सादे कागज की गड्डी थमा दी। मामले में फरार चल रहे आरोपियों की तलाश के दौरान रेवटी पुलिस ने बिहार के कैमूर से एक और आरोपी शाहजाद अंसारी को गिरफ्तार किया है।मामला वर्ष 2023 का है। सुनील पाण्डेय ने 27 फरवरी 2023 को चौकी रेवटी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि तीन व्यक्ति स्विफ्ट डिजायर कार से उसके घर पहुंचे और छलपूर्वक उससे 8 लाख 50 हजार रुपये लेकर फरार हो गए। पुलिस ने अपराध क्रमांक 35/2023 के तहत धारा 420, 120बी, 34 भादसं. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।जांच में सामने आया कि आरोपियों ने पहले छोटे निवेश के जरिए सुनील का भरोसा जीता था। 17 फरवरी को तीन व्यक्ति उसकी किराना दुकान के पास पहुंचे थे। बातचीत के दौरान एक ने अपना नाम आकाश बताते हुए खुद को शेयर करेंसी का काम करने वाला बताया और कहा कि इसमें रकम दोगुनी हो जाती है। बातों में आकर सुनील ने पहले 10 हजार रुपये दिए। अगले दिन आरोपियों ने उसे 20 हजार रुपये वापस कर दिए। रकम दोगुनी मिलने के बाद सुनील का भरोसा और बढ़ गया।इसके बाद आरोपियों ने उसे बड़ी रकम लगाने के लिए तैयार किया। लगातार फोन पर बातचीत कर शेयर का कारोबार अच्छा चलने और दो से चार दिन में रकम दोगुनी होने का भरोसा दिलाया गया। इसी झांसे में आकर सुनील ने 8 लाख 50 हजार रुपये की व्यवस्था कर ली।27 फरवरी की सुबह आरोपी उसकी दुकान पर पहुंचे और रकम गिनने के बाद 8 लाख 50 हजार रुपये अपने पास रख लिए। बदले में खाकी रंग के प्लास्टिक का बंद पैकेट देते हुए कहा कि इसमें 17 लाख रुपये हैं। आरोपियों ने यह भी कहा कि बाद में वे आएंगे और उसमें से तीन लाख रुपये ले जाएंगे। भरोसे में आए सुनील ने पैकेट घर में रख लिया। काफी देर तक आरोपी वापस नहीं लौटे और उनके मोबाइल भी बंद आने लगे। संदेह होने पर जब पैकेट खोला गया तो उसमें नोटों की जगह सादे कागज की गड्डी थी। तब तक उसकी मेहनत की कमाई ठगों के हाथ जा चुकी थी।पुलिस की जांच में तकनीकी माध्यमों से आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर की जानकारी जुटाई गई। पता चला कि सिम कार्ड के संबंध में वाराणसी के एक मोबाइल दुकान संचालक अमरेश मिश्रा की भूमिका सामने आई। जांच के दौरान अमरेश मिश्रा और राजेश सिंह को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई कार भी जब्त की थी।मामले में फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी थी। इसी दौरान पुलिस को शाहजाद अंसारी के कैमूर, बिहार में होने की सूचना मिली। चौकी रेवटी पुलिस की टीम ने बिहार पहुंचकर दबिश दी और शाहजाद अंसारी पिता स्व. युसुफ अंसारी, उम्र 29 वर्ष, निवासी शाही सराय, थाना कुदरा, जिला कैमूर को पकड़कर सूरजपुर लाया। पूछताछ में उसके द्वारा अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया गया, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया।पुलिस के अनुसार मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस अधीक्षक सूरजपुर योगेश कुमार पटेल ने पुराने लंबित मामलों में फरार आरोपियों की पतासाजी कर गिरफ्तारी के साथ साइबर सेल की मदद से ऐसे मामलों की तह तक पहुंचने के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन और एसडीओपी प्रतापपुर अनूप एक्का के मार्गदर्शन में कार्रवाई की गई।इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी रेवटी संतोष सिंह, प्रधान आरक्षक शिव राजवाड़े, आरक्षक मनरूप पैंकरा और अशोक राजवाड़े की सक्रिय भूमिका रही।