दिवंगत शिक्षक के परिवार के साथ खड़ा हुआ शिक्षक समाज, दी एक लाख रुपये की संवेदना राशि
ओड़गी। किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता। खासकर उस समय, जब परिवार का कोई सदस्य अचानक हमेशा के लिए साथ छोड़ जाए। ऐसे कठिन समय में आर्थिक मदद भले ही उस कमी को पूरा न कर सके, लेकिन यह एहसास जरूर दिलाती है कि दुख की इस घड़ी में परिवार अकेला नहीं है। सूरजपुर जिले में संचालित संयुक्त संवेदना योजना इसी मानवीय भावना को लगातार आगे बढ़ा रही है।
छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ सूरजपुर के जिलाध्यक्ष एवं संयुक्त संवेदना योजना के संस्थापक सचिन त्रिपाठी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में पिछले छह वर्षों से संचालित इस योजना के माध्यम से अब तक 36 दिवंगत शिक्षक सदस्यों के परिवारों को एक-एक लाख रुपये की संवेदना राशि दी जा चुकी है। इस तरह अब तक कुल 36 लाख रुपये की सहायता परिवारों तक पहुंचाई गई है।
इसी कड़ी में ओड़गी विकासखंड के शासकीय माध्यमिक शाला करौटी बी में पदस्थ रहे शिक्षक स्व. विनोद कुमार सिंह के निधन के बाद उनके परिवार का हाथ थामने के लिए संयुक्त संवेदना समिति के सदस्य उनके घर पहुंचे।
स्व. विनोद कुमार सिंह जिला सूरजपुर संयुक्त संवेदना समिति के सक्रिय सदस्य थे। उनके आकस्मिक निधन से शिक्षक समाज में भी शोक की लहर रही। उनके जाने से परिवार को हुई अपूरणीय क्षति को भले कोई भर नहीं सकता, लेकिन इस दुख की घड़ी में परिवार के साथ खड़े होने की कोशिश जरूर की गई।
संवेदना प्रभारी सह ब्लॉक अध्यक्ष मो. महमूद एवं प्रमोद पाठक के मार्गदर्शन में समिति के पदाधिकारी और सदस्य 30 अगस्त 2026 को ग्राम डोंगरो, पोस्ट चलगली, जिला बलरामपुर स्थित उनके निवास पहुंचे। यहां उन्होंने स्व. विनोद कुमार सिंह की धर्मपत्नी श्रीमती प्रेम कुमारी को योजना के तहत एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता राशि सौंपी।
राशि सौंपते समय माहौल भावुक हो गया। शिक्षक साथियों ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए भरोसा दिलाया कि विनोद कुमार सिंह भले ही आज उनके बीच नहीं हैं, लेकिन शिक्षक समाज उनके परिवार के सुख-दुख में आगे भी साथ खड़ा रहेगा।
इस अवसर पर संवेदना सदस्य राजेश कुमार जायसवाल, कृष्णा प्रसाद, हेमंत मिंज, जदेश्वर सिंह, प्रेम कुमार पैकरा, नागेश्वर पैकरा, बालेश्वर सिंह, राम बहादुर राम, गुलाबराम कनेडिया, मुकेशचंद गुप्ता और गजेंद्र पैकरा मौजूद रहे। वहीं शाला स्टाफ से शिव कुमार पैकरा एवं सोरेलाल पैकरा सहित करौटी बी और स्व. विनोद कुमार सिंह के गृह ग्राम डोंगरो के ग्रामीणजन भी उपस्थित रहे।
संयुक्त संवेदना समिति का कहना है कि किसी साथी के असमय चले जाने से परिवार को हुई क्षति कभी पूरी नहीं की जा सकती। ऐसे समय में संवेदना राशि केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि पूरे शिक्षक समाज की ओर से परिवार के साथ खड़े होने का एक छोटा सा प्रयास है। यही इस योजना की सबसे बड़ी भावना है।
छह वर्षों से जारी यह पहल बताती है कि जब समाज एक-दूसरे के दुख को अपना दुख समझकर आगे आता है, तो मुश्किल वक्त थोड़ा कम बोझिल जरूर हो जाता है। संयुक्त संवेदना योजना इसी सामूहिक सहयोग और मानवीय सरोकार की मिसाल बनी हुई है।
अंत में समिति के सदस्यों ने स्व. विनोद कुमार सिंह की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य, साहस और संबल प्रदान करने की कामना की।