बहू पर फावड़े से जानलेवा हमला, ससुर को 10 साल की कठोर सजा:खेती-बाड़ी की बात पर हुआ था विवाद, सिर पर फावड़े के वार से गंभीर घायल हुई थी पीड़िता

बहू पर फावड़े से जानलेवा हमला, ससुर को 10 साल की कठोर सजा:खेती-बाड़ी की बात पर हुआ था विवाद, सिर पर फावड़े के वार से गंभीर घायल हुई थी पीड़िता

अम्बिकापुर। खेती-बाड़ी की बात को लेकर हुए विवाद में ससुर ने बहू पर फावड़े से जानलेवा हमला कर दिया। सिर पर गंभीर चोट लगने से अनिता कुजूर लहूलुहान होकर जमीन पर बेहोश हो गई थी। करीब एक साल पुराने इस मामले में अब अदालत ने आरोपी ससुर पेरवा राम उर्फ प्रेमा राम (60), निवासी गेरसा महुआपारा, थाना लुण्ड्रा को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। द्वितीय अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश, अम्बिकापुर ने 21 अगस्त को फैसला सुनाते हुए आरोपी पर एक हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड नहीं देने पर तीन माह का अतिरिक्त कठोर कारावास भुगतना होगा।मामला 14 जुलाई 2025 का है। दोपहर करीब 12 बजे ग्राम गेरसा महुआपारा में खेती-बाड़ी की बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी दौरान आरोपी ने बहू अनिता कुजूर के सिर पर फावड़े से वार कर दिया। गंभीर चोट लगने से उसके सिर से खून बहने लगा और वह जमीन पर बेहोश होकर गिर पड़ी। घटना की गंभीरता को देखते हुए लुण्ड्रा पुलिस ने मामले की जांच शुरू की।विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की। उसके मेमोरेण्डम कथन के आधार पर घटना में इस्तेमाल फावड़ा बरामद किया गया। घटनास्थल से खून लगी मिट्टी और सामान्य मिट्टी के नमूने भी जब्त किए गए। जब्त साक्ष्यों को एफएसएल जांच के लिए भेजने के साथ घटना में प्रयुक्त हथियार का क्यूरी परीक्षण कराया गया।मामले की विवेचना तत्कालीन सहायक उप निरीक्षक एसआर साहू ने की थी। जांच पूरी होने के बाद 7 अक्टूबर 2025 को न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने 15 महत्वपूर्ण गवाहों के बयान और 35 आर्टिकल साक्ष्य प्रस्तुत किए। पुलिस द्वारा जुटाए गए भौतिक एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों तथा अभियोजन की प्रभावी पैरवी के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी ठहराया।अदालत ने पीड़िता को हुई गंभीर और दीर्घकालीन शारीरिक क्षति को भी ध्यान में रखा। फैसले में कहा गया कि एक हजार रुपए का अर्थदंड अनिता को हुए नुकसान की पर्याप्त भरपाई नहीं है। इसलिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 395 और 396 के तहत लागू Victim Compensation Scheme के अनुसार पीड़िता को उचित क्षतिपूर्ति दिए जाने की अनुशंसा की गई है।मामले की प्रभावी विवेचना के लिए पुलिस महानिरीक्षक सरगुजा रेंज दीपक झा ने विवेचक सहायक उप निरीक्षक एसआर साहू और विवेचना में सहयोग करने वाले लुण्ड्रा थाना स्टाफ को उचित पारितोषिक देने की घोषणा की है। डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश अग्रवाल ने भी विवेचक की कार्यकुशलता और उत्कृष्ट विवेचना की सराहना की है।