किसी के लिए व्हीलचेयर तो किसी के लिए बैसाखी बनी नई राह, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण

किसी के लिए व्हीलचेयर तो किसी के लिए बैसाखी बनी नई राह, मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने दिव्यांगजनों को बांटे सहायक उपकरण

बलरामपुर, 21 अगस्त। रोजमर्रा की जिंदगी में जिन कामों को हम सहजता से कर लेते हैं, वही काम कई दिव्यांगजनों के लिए बड़ी चुनौती बन जाते हैं। ऐसे में मिलने वाला एक छोटा-सा सहारा भी उनके लिए काफी मायने रखता है। शुक्रवार को बलरामपुर संयुक्त जिला कार्यालय परिसर में कुछ ऐसे ही चेहरों पर खुशी दिखाई दी, जब महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने छह दिव्यांगजनों को जरूरत के अनुसार सहायक उपकरण और सामग्री वितरित की।

मंत्री ने लाभार्थियों से औपचारिकता से हटकर आत्मीयता से बातचीत की और उनके हालचाल जाने। उन्होंने यह भी पूछा कि रोजमर्रा के कामकाज और आने-जाने में उन्हें किन परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बातचीत के दौरान दिव्यांगजनों ने अपनी जरूरतें भी साझा कीं।

इस दौरान सौनी निवासी धनेश्वर सोनी को बैसाखी, भनौरा निवासी निशांत पैकरा और बड़की महरी निवासी महिमा दास को व्हीलचेयर, भनौरा निवासी गौरीशंकर और फनु सिंह को स्टिक तथा सौनी निवासी ममता पाल को स्मार्टफोन प्रदान किया गया।

सहायक उपकरण मिलने के बाद लाभार्थियों के चेहरों पर संतोष और खुशी नजर आई। किसी के लिए यह बैसाखी चलने में सहारा बनेगी, तो किसी के लिए व्हीलचेयर आवागमन को आसान करेगी। वहीं स्मार्टफोन ममता पाल के लिए संपर्क और जरूरी कामों को सुगम बनाने में मददगार होगा। इन उपकरणों से दिव्यांगजनों के दैनिक जीवन में सुविधा बढ़ने के साथ आत्मनिर्भरता को भी बल मिलेगा।

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि दिव्यांगजनों को योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है। उनका उद्देश्य केवल सहायता उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ते हुए उन्हें अधिक से अधिक आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि जरूरतमंद लोगों तक शासन की योजनाओं और सहायक उपकरणों का लाभ समय पर पहुंचे, इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यक्रम में बांटे गए उपकरण भले ही संख्या में कम हों, लेकिन जिन हाथों तक पहुंचे, उनके लिए इनकी अहमियत बहुत बड़ी है। किसी के लिए चलने का सहारा मिला, तो किसी के लिए रोज की जिंदगी थोड़ी आसान हुई। यही छोटी-छोटी मदद जब किसी की जिंदगी में आत्मनिर्भरता का रास्ता खोलती है, तब सरकारी योजना का असली मकसद भी दिखाई देता है।