खोपा धाम से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो ट्रक से टकराई, एक की मौत, पांच घायल

खोपा धाम से दर्शन कर लौट रहे श्रद्धालुओं की बोलेरो ट्रक से टकराई, एक की मौत, पांच घायल

बारिश और अंधेरे में सड़क पर खड़ा ट्रक नहीं दिखा, हादसे में बुझ गया एक घर का चिराग

सूरजपुर। खोपा धाम में दर्शन कर अपने घर लौट रहे श्रद्धालुओं के लिए सफर का आखिरी पड़ाव बेहद दर्दनाक साबित हुआ। सोनवाही जंगल के पास बारिश और अंधेरे के बीच सड़क पर खड़े ट्रक से बोलेरो की जोरदार भिड़ंत हो गई। हादसे में बोलेरो सवार 56 वर्षीय श्याम सुंदर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य लोग घायल हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर में भर्ती कराया गया है।जानकारी के अनुसार सीतापुर क्षेत्र के ग्राम लिचिरमा से कुछ लोग बोलेरो वाहन में सवार होकर खोपा धाम दर्शन के लिए गए थे। पूजा-दर्शन के बाद सभी लोग वापस अपने घर लौट रहे थे। रात के समय जब उनका वाहन सोनवाही जंगल के पास पहुंचा, उसी दौरान सड़क पर एक ट्रक खड़ा मिला।बताया जा रहा है कि सड़क पर खड़े ट्रक के पीछे वाहन चालकों को सतर्क करने के लिए न तो पर्याप्त संकेतक लगाए गए थे और न ही कोई अन्य चेतावनी व्यवस्था थी। इसी बीच बारिश के कारण दृश्यता भी कम थी। अंधेरे और बारिश के बीच बोलेरो चालक को सड़क पर खड़ा ट्रक समय रहते दिखाई नहीं दिया और बोलेरो सीधे ट्रक के पिछले हिस्से से जा टकराई।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बोलेरो में सवार लोगों के बीच चीख-पुकार मच गई। हादसे की खबर मिलते ही आसपास के लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को बाहर निकालने में मदद की। दुर्घटना में रतनपुर, सीतापुर निवासी श्याम सुंदर  पिता स्वर्गीय रतिराम की मौत हो गई।वहीं बोलेरो में सवार सुभाष, मंजू, राजकुमारी, राजकुमार और सुशीला घायल हुए हैं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल अम्बिकापुर ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है।दर्शन कर सकुशल घर लौटने की उम्मीद लेकर निकले परिवारों पर रास्ते में अचानक दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। एक ओर हादसे में श्याम सुंदर की मौत से परिवार में मातम पसरा है, वहीं घायलों के परिजन अस्पताल में उनके जल्द स्वस्थ होने की उम्मीद लगाए बैठे हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में बारिश के दौरान सड़क पर इस तरह बिना पर्याप्त संकेतक के भारी वाहन खड़ा होना बेहद खतरनाक है। यदि समय रहते ट्रक के पीछे चेतावनी संकेत या प्रकाश की उचित व्यवस्था होती, तो संभव है कि बोलेरो चालक को वाहन पहले ही दिखाई दे जाता और हादसा टाला जा सकता था। घटना ने एक बार फिर रात के समय सड़कों पर खड़े भारी वाहनों की सुरक्षा व्यवस्था और यातायात सावधानियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।