रक्षाबंधन पर यात्रियों की जेब पर डाका डालने की कोशिश, परिवहन विभाग ने बसों की जांच कर लौटाया अतिरिक्त किराया

रक्षाबंधन पर यात्रियों की जेब पर डाका डालने की कोशिश, परिवहन विभाग ने बसों की जांच कर लौटाया अतिरिक्त किराया
रक्षाबंधन पर यात्रियों की जेब पर डाका डालने की कोशिश, परिवहन विभाग ने बसों की जांच कर लौटाया अतिरिक्त किराया

अम्बिकापुर। रक्षाबंधन के त्योहारी सीजन में जब लोग अपने भाई-बहनों से मिलने और खुशियां बांटने के लिए घरों की ओर लौट रहे हैं, ऐसे समय में कुछ यात्री बस संचालकों द्वारा निर्धारित किराए से अधिक राशि वसूलने की शिकायतें सामने आईं। यात्रियों की इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी के निर्देश पर परिवहन उड़नदस्ता ने अंबिकापुर बस स्टैंड में यात्री बसों की जांच की।जांच के दौरान अधिकारियों ने बसों में सफर कर रहे यात्रियों से सीधे बातचीत कर उनसे किराए की जानकारी ली। इस दौरान अंबिकापुर से रामानुजगंज जाने वाली साधारण बस में निर्धारित किराए से अधिक 200 रुपये वसूले जाने की बात सामने आई। अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए यात्रियों से अतिरिक्त वसूली गई राशि वापस कराई।इसी तरह बिलासपुर जाने वाली साधारण बसों में भी यात्रियों से 400 रुपये किराया लिया जाना पाया गया। जांच में निर्धारित दर से अधिक वसूली सामने आने पर यात्रियों को उनकी अतिरिक्त राशि वापस कराई गई। त्योहारी भीड़ के बीच यात्रियों की जेब पर पड़ रहे इस अतिरिक्त बोझ को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया और संबंधित बस संचालकों के खिलाफ कार्रवाई की।जांच के दौरान दो बसों में किराया सूची चस्पा नहीं मिली। साथ ही निर्धारित दर से अधिक किराया वसूलने पर दोनों बसों के खिलाफ नियमानुसार चालानी कार्रवाई की गई।परिवहन उड़नदस्ता ने बस संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रत्येक यात्री बस में किराया सूची अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए और यात्रियों से शासन द्वारा निर्धारित दर के अनुसार ही किराया लिया जाए। अधिकारियों ने यह भी कहा कि त्योहारी सीजन में यात्रियों की संख्या बढ़ने का लाभ उठाकर उनसे मनमाना किराया वसूलना किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।वहीं रायपुर की ओर संचालित यात्री बसों की जांच में निर्धारित दर के अनुसार ही किराया लिया जाना पाया गया।

त्योहार के मौके पर घर पहुंचने की जल्दबाजी में यात्री अक्सर किराए को लेकर ज्यादा सवाल नहीं कर पाते। ऐसे में परिवहन विभाग की यह कार्रवाई केवल चालानी कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि जिन यात्रियों से अतिरिक्त पैसे लिए गए थे, उन्हें उनकी रकम वापस दिलाकर राहत भी पहुंचाई गई। विभाग की इस पहल से यह संदेश भी गया कि त्योहार की खुशी के बीच यात्रियों की मजबूरी को कमाई का जरिया बनाने वालों पर निगरानी और कार्रवाई जारी रहेगी।