मिट्टी बचेगी तो भविष्य बचेगा: दिशा समिति में सांसद चिंतामणि महाराज का स्पष्ट संदेश
जैविक खेती से लेकर सड़कों की गुणवत्ता तक सख्त समीक्षा, आवास में सूरजपुर संभाग में अव्वल
सूरजपुर, ।जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा समिति) की बैठक में विकास योजनाओं की हकीकत पर गंभीर मंथन हुआ। सरगुजा सांसद चिंतामणि महाराज की अध्यक्षता में हुई बैठक में कलेक्टर एस. जयवर्धन की मौजूदगी में विभागवार योजनाओं की प्रगति, चुनौतियों और समाधान पर विस्तृत चर्चा की गई।बैठक का स्वर स्पष्ट था-विकास केवल कागजों में नहीं, जमीन पर दिखना चाहिए। इसके साथ ही बैठक में विशेष निर्देश दिए गए कि पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध पहुंचे,निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से समझौता न हो,रिक्त पदों की भर्ती प्रक्रिया तेज हो और लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण किया जाए।
रसायन से उपज बढ़ी, पर सेहत घटी- जैविक खेती पर जोर
सांसद ने रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों का उल्लेख करते हुए कहा कि अधिक उत्पादन की होड़ में मिट्टी की उर्वरता और लोगों की सेहत दोनों प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने कृषि विभाग को निर्देश दिए कि गांव-गांव अभियान चलाकर किसानों को जैविक खेती के लिए प्रेरित किया जाए। इसके साथ ही नियमित मिट्टी परीक्षण को अनिवार्य रूप से बढ़ावा देने,किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से जोड़ने सहित रसायन मुक्त सब्जी व अनाज उत्पादन के लिए प्रोत्साहन देने पर विशेष बल दिया गया। सांसद ने कहा कि आज लिया गया फैसला आने वाली पीढ़ियों का स्वास्थ्य तय करेगा।
सड़क निर्माण: जनप्रतिनिधि भी करेंगे भौतिक परीक्षण
लोक निर्माण विभाग तथा प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री सड़क योजना अंतर्गत निर्माणाधीन सड़कों की गुणवत्ता पर गहन समीक्षा हुई। सांसद ने दो टूक कहा कि सड़कें केवल स्वीकृत और निर्मित दिखाने के लिए नहीं, बल्कि वर्षों तक टिकने वाली होनी चाहिए।उन्होंने निर्देश दिए कि प्रशासन के साथ-साथ संबंधित जनप्रतिनिधि भी निर्माण कार्यों का भौतिक सत्यापन करें। घटिया निर्माण पर जिम्मेदारी तय करने की बात भी कही गई।
महिला समूहों को बाजार से जोड़ने पर जोर
स्व-सहायता समूहों द्वारा संचालित आजीविका गतिविधियों की समीक्षा करते हुए सांसद ने कहा कि केवल उत्पादन पर्याप्त नहीं है, बेहतर विपणन रणनीति जरूरी है।उन्होंने समूहों को लखपति दीदी अभियान से जोड़कर आय दोगुनी करने की दिशा में कार्य करने के निर्देश दिए। महिला सशक्तिकरण को ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए कहा गया कि आत्मनिर्भर समूह ही सशक्त समाज की नींव हैं।
पीएम आवास ग्रामीण: 84% पूर्णता, राज्य में चौथा स्थान
बैठक के दरम्यान जिला पंचायत सीईओ विजेंद्र सिंह पाटले ने जानकारी दी कि प्रधानमंत्री आवास ग्रामीण योजना के अंतर्गत स्वीकृत 72,357 आवासों में से 60,236 पूर्ण हो चुके हैं। 84 प्रतिशत उपलब्धि के साथ सूरजपुर जिला राज्य में चौथे स्थान पर और संभाग में प्रथम स्थान हासिल कर चुका है।पिछले दो वर्षों में 34,809 स्वीकृत आवासों में से 24,420 (करीब 70%) पूर्ण हो चुके हैं बैठक में लंबित आवासों को शीघ्र पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए।
अन्य योजनाओं की भी गहन समीक्षा
बैठक में अमृत मिशन, प्रधानमंत्री आवास (शहरी), स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण), जल जीवन मिशन, आयुष्मान भारत, महतारी वंदन योजना, डेयरी विकास, प्रधानमंत्री कौशल विकास, डिजिटल इंडिया, भारतनेट, उज्ज्वला योजना, खेलो इंडिया और प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की गई।
इनकी भी रही मौजूदगी
बैठक में नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती कुसुमलता राजवाड़े, सूरजपुर जनपद अध्यक्ष श्रीमती स्वाति संत सिंह, ठाकुर राजवाड़े, फुलेश्वर प्रसाद सिरदार, गुलाब सिंह, श्रीमती सुलोचनी पैकरा, श्रीमती सुकमनिया, राजेश्वर तिवारी, संजय गुप्ता, श्रीमती विनिता सिंह, शिवप्रसाद सिंह, जिला पंचायत सदस्यगण, जनपद सदस्यगण, सरपंचगण, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक प्रशांत कुमार ठाकुर व अन्य संबंधित अधिकारीगण उपस्थित थे। कुलमिलाकर इस बैठक का संदेश साफ रहा कि विकास की रफ्तार तभी सार्थक है, जब खेत की मिट्टी, गांव की सड़क और गरीब का घर-तीनों सुरक्षित और मजबूत हों।