नौ भैंसों को क्रूरता से बूचड़खाने ले जाने का मामला, फरार आरोपी परवेश आलम गिरफ्तार
रामचंद्रपुर पुलिस की कार्रवाई, पूछताछ में पशु तस्करी में शामिल होने की बात स्वीकारने के बाद न्यायालय में पेश किया गया
बलरामपुर। बेजुबान पशुओं को बेरहमी से मारते-पीटते हुए बूचड़खाने की ओर ले जाने के मामले में रामचंद्रपुर पुलिस ने फरार चल रहे एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी परवेश आलम को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसके द्वारा पशु तस्करी में शामिल होना स्वीकार किए जाने की बात पुलिस ने बताई है। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर 2026 को ग्राम औरंगा निवासी उदय कुमार सिंह ने रामचंद्रपुर थाने में लिखित सूचना दी थी। शिकायत में बताया गया कि 09 भैंसों को मारते-पीटते हुए क्रूरतापूर्वक बूचड़खाने की ओर ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एक आरोपी को हिरासत में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू की। उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था।
जांच आगे बढ़ने पर इस मामले में शामिल परवेश आलम (20), पिता शौकत अली, निवासी ग्राम सुंदरपुर, थाना सनावल, जिला बलरामपुर-रामानुजगंज की तलाश की जा रही थी। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक पूछताछ के दौरान उसने पशु तस्करी की घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। मामले में पशु क्रूरता निवारण अधिनियम 1960 की धारा 11 तथा छत्तीसगढ़ कृषक पशु परीक्षण निवारण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6 एवं 10 के तहत कार्रवाई की गई है। प्रकरण अपराध क्रमांक 41/2026 के रूप में दर्ज है।
इस कार्रवाई के बीच एक बात फिर सामने आती है कि जिन पशुओं की जुबान नहीं होती, उनकी पीड़ा अक्सर इंसानी नजरों से ओझल रह जाती है। पुलिस की कार्रवाई अब यह तय करने की दिशा में आगे बढ़ रही है कि इस पूरे मामले में और कौन-कौन लोग जुड़े थे और बेजुबान पशुओं को इस तरह निर्दयता से ले जाने के पीछे पूरा नेटवर्क कितना व्यापक है।