अम्बिकापुर में दो दिन गूंजेगा अग्र समाज का मंथन, संस्कृति से संवाद तक सजेगा महाकुंभ

अम्बिकापुर में दो दिन गूंजेगा अग्र समाज का मंथन, संस्कृति से संवाद तक सजेगा महाकुंभ

19 सितंबर को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय करेंगे उद्घाटन, योग-स्वास्थ्य, एआई, संस्कार, परिवार और प्रतिभा सम्मान बनेंगे आकर्षण

अम्बिकापुर। अग्रवाल समाज के सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन में 19 और 20 सितंबर को अंबिकापुर एक बड़े मिलन का साक्षी बनेगा। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के तत्वावधान में आयोजित अग्र महाकुंभ-2026 में समाज के अलग-अलग हिस्सों से जुड़े लोग एक मंच पर जुटेंगे। दो दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में सामाजिक चिंतन के साथ स्वास्थ्य, संस्कार, संस्कृति, प्रतिभा सम्मान और बदलते समय की चुनौतियों पर संवाद होगा।महाकुंभ का उद्देश्य केवल एक आयोजन तक सीमित नहीं है। इसके जरिए समाज की नई पीढ़ी को जोड़ने, पारिवारिक रिश्तों में संवाद बढ़ाने, संगठन को मजबूत करने और सामाजिक जिम्मेदारियों को लेकर सामूहिक सोच विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से समाजबंधुओं के साथ जनप्रतिनिधि, उद्यमी, समाजसेवी, युवा और विभिन्न क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने वाली प्रतिभाएं इसमें शामिल होंगी। बहरहाल इस महाकुंभ की तैयारियों में सरगुजा संभागीय अग्रवाल महासभा और अग्रवाल सभा अंबिकापुर सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन के साथ सरगुजा अंचल के अग्रजों, संस्थाओं के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं की टीम आयोजन को यादगार बनाने में जुटी हुई है।

मुख्यमंत्री करेंगे उद्घाटन

19 सितंबर को दोपहर 12 बजे भव्य उद्घाटन सत्र होगा। इसमें मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय शामिल होंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष कुलभूषण मित्तल करेंगे। कैबिनेट मंत्री राजेश अग्रवाल, पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल, विधायक एवं पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल, बसना विधायक संपत अग्रवाल, राष्ट्रीय संरक्षक सियाराम अग्रवाल सहित अनेक विशिष्ट अतिथियों की मौजूदगी रहेगी।पहले दिन अग्र-मंथन में समाज की वर्तमान परिस्थितियों और आने वाले समय की जरूरतों पर गंभीर चर्चा होगी। सामाजिक एवं सांगठनिक मजबूती, युवाओं की भागीदारी, स्वास्थ्य, संस्कार और तेजी से बदलते सामाजिक परिवेश जैसे विषयों पर विचार रखे जाएंगे। कोशिश होगी कि चर्चा केवल मंच तक न रहे, बल्कि उससे आगे की दिशा भी तय हो।

महिला शक्ति और हास्य-व्यंग्य की शाम

इसके बाद महिला अधिवेशन में सामाजिक जीवन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका, संगठन में उनकी सहभागिता और भविष्य की कार्ययोजना पर संवाद होगा।शाम को आयोजित हास्य एवं व्यंग्य कवि सम्मेलन महाकुंभ का मनोरंजक आकर्षण रहेगा। देश के जाने-माने कवि अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को गुदगुदाने के साथ सामाजिक सरोकारों पर भी अपनी बात रखेंगे।

योग से स्वास्थ्य तक, खुले संवाद में भविष्य की बात

20 सितंबर की शुरुआत योग और प्राकृतिक जीवनशैली से जुड़े कार्यक्रम से होगी। सुबह 10 से 11:30 बजे तक खुला संवाद आयोजित किया जाएगा। इसमें समाज से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहभागी अपनी बात रख सकेंगे। वर्तमान दौर में तेजी से बढ़ती तकनीकी भूमिका, एआई के उपयोग और उससे हो रहे सामाजिक बदलाव सहित कई समसामयिक विषयों पर विचार-विमर्श होगा।इसके बाद स्वास्थ्य सत्र में विशेषज्ञ जीवनशैली और बेहतर स्वास्थ्य से जुड़े उपयोगी पहलुओं पर जानकारी साझा करेंगे।

दशम अग्र अलंकरण में चमकेंगी समाज की प्रतिभाएं

महाकुंभ का एक प्रमुख आकर्षण दशम अग्र अलंकरण समारोह रहेगा। शिक्षा, समाजसेवा, उद्यम, चिकित्सा और अन्य क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं और विभूतियों को सम्मानित किया जाएगा। अपने कर्म और उपलब्धियों से समाज का नाम रोशन करने वालों का यह सम्मान समारोह आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा का संदेश भी देगा।

परिवारोत्सव में रिश्तों की गर्माहट पर संवाद

20 सितंबर की शाम परिवारोत्सव में रिश्तों, विश्वास, संस्कार और पीढ़ियों के बीच संवाद जैसे विषय केंद्र में रहेंगे। सूरत के मनीष बाघासिया पारिवारिक जीवन से जुड़े इन पहलुओं पर अपनी बात रखेंगे। बदलते दौर में घर-परिवार के रिश्तों को मजबूत बनाए रखने और पीढ़ियों के बीच बढ़ती दूरी को संवाद से कम करने के उपायों पर चर्चा होगी।

सामूहिक चिंतन से समर्थ समाज का संकल्प

अग्र महाकुंभ के संयोजक सुभाष गोयल एवं कन्हैयालाल अग्रवाल तथा मीडिया प्रभारी मुकेश गर्ग और मनोज अग्रवाल ने बताया कि आयोजन का मूल संदेश सामूहिक चिंतन के जरिए मजबूत संगठन और समर्थ समाज की दिशा में आगे बढ़ना है।आयोजन को लेकर अग्रवाल समाज में उत्साह का माहौल है। आयोजकों के मुताबिक यह महज दो दिनों का कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज की दिशा और दशा पर साथ बैठकर सोचने, नई पीढ़ी को जोड़ने और आपसी रिश्तों को और मजबूत करने का अवसर है। प्रदेश के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में समाजबंधुओं के पहुंचने की उम्मीद है।