प्रचार थमा, बढ़ीं धड़कनें: मतदाताओं के हाथ में पहली नगर सरकार की चाबी
शिवनंदनपुर में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर, 1 जून को जनता लिखेगी नगर का भविष्य 4 जून को सामने आएगा जनादेश
सूरजपुर/बिश्रामपुर। नवगठित नगर पंचायत शिवनंदनपुर के पहले चुनाव को लेकर बीते कई दिनों से चली आ रही चुनावी सरगर्मियां शनिवार शाम 5 बजे थम गईं। इसके साथ ही चुनावी मैदान में उतरे अध्यक्ष एवं पार्षद प्रत्याशियों, राजनीतिक दलों के नेताओं और समर्थकों की धड़कनें भी तेज हो गई हैं। प्रदेश से लेकर जिला मुख्यालय और आसपास के क्षेत्रों तक इस चुनाव पर निगाहें टिकी हुई हैं, क्योंकि पहली बार होने जा रहा यह चुनाव केवल नगर सरकार के गठन तक सीमित नहीं है, बल्कि कई राजनीतिक दिग्गजों की प्रतिष्ठा से भी जुड़ गया है।सोमवार 1 जून को होने वाले मतदान में कुल 4642 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 2335 पुरुष और 2307 महिला मतदाता शामिल हैं। नगर पंचायत के 15 वार्डों में मतदान के लिए 15 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। पहली बार नगर सरकार चुनने जा रहे मतदाताओं में उत्साह के साथ-साथ जिम्मेदारी का भाव भी दिखाई दे रहा है।प्रचार थमने के बाद अब चुनावी गतिविधियां नए दौर में प्रवेश कर चुकी हैं। सार्वजनिक सभाओं, रोड शो और नारों की जगह अब बूथ प्रबंधन, मतदाता संपर्क और चुनावी समीकरणों की समीक्षा ने ले ली है। प्रत्याशी और उनके समर्थक घर-घर पहुंचकर मतदाताओं से संपर्क साध रहे हैं तथा अपने पक्ष में मतदान की अपील कर रहे हैं। वहीं राजनीतिक दल मतदान प्रतिशत बढ़ाने और अपने समर्थक मतदाताओं को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की रणनीति को अंतिम रूप देने में जुटे हुए हैं।चुनाव को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है। शनिवार को एसडीएम सूरजपुर के नेतृत्व में पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने नगर पंचायत क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकालकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। फ्लैग मार्च के दौरान अधिकारियों ने विभिन्न वार्डों और प्रमुख मार्गों का भ्रमण कर आम नागरिकों को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण और भयमुक्त मतदान का भरोसा दिलाया। साथ ही निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आदर्श आचार संहिता का कड़ाई से पालन कराने का संदेश भी दिया गया। प्रशासन की इस सक्रियता से मतदाताओं में विश्वास का माहौल देखने को मिला।आपको बताते चलें कि नगर पंचायत शिवनंदनपुर के गठन के बाद यह पहला चुनाव है, इसलिए इसे ऐतिहासिक माना जा रहा है। आने वाले वर्षों में नगर के विकास की दिशा तय करने वाली पहली सरकार इसी चुनाव से चुनी जाएगी। चुनाव प्रचार के दौरान सड़क, बिजली, पानी, स्वच्छता, स्वास्थ्य सुविधाएं, रोजगार और आधारभूत विकास जैसे मुद्दे प्रमुखता से छाए रहे। प्रत्याशियों ने नगर को आदर्श और विकसित बनाने के कई वादे किए हैं, जिन पर अब जनता अपनी मुहर लगाएगी।
स्थानीय जानकारों की मानें तो यह चुनाव स्थानीय निकाय की सीमाओं से आगे बढ़कर राजनीतिक ताकत और जनसमर्थन का भी पैमाना बन गया है। यही वजह है कि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ने चुनाव प्रचार में पूरी ताकत झोंकी। चार जून को मतगणना के बाद यह स्पष्ट हो जाएगा कि जनता ने नगर की पहली सरकार की बागडोर किसके हाथों में सौंपी है।
लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत जनता का वोट होता है। ऐसे में सभी मतदाताओं से अपील है कि वे 1 जून को अपने घरों से निकलकर मतदान केंद्र पहुंचें और अपने मताधिकार का अवश्य प्रयोग करें। आपका एक वोट केवल प्रतिनिधि नहीं चुनता, बल्कि शिवनंदनपुर के विकास और भविष्य की दिशा भी तय करता है।