3–5 हजार वेतन में कैसे चले घर..? जेडीएस कर्मचारियों की पीड़ा छलकी, नियमितीकरण और वेतन वृद्धि को लेकर जिला अस्पताल में हुई बड़ी बैठक

3–5 हजार वेतन में कैसे चले घर..? जेडीएस कर्मचारियों की पीड़ा छलकी, नियमितीकरण और वेतन वृद्धि को लेकर जिला अस्पताल में हुई बड़ी बैठक
3–5 हजार वेतन में कैसे चले घर..? जेडीएस कर्मचारियों की पीड़ा छलकी, नियमितीकरण और वेतन वृद्धि को लेकर जिला अस्पताल में हुई बड़ी बैठक

सूरजपुर। जिला अस्पताल में जीवन दीप समिति (जेडीएस) कर्मचारियों की पीड़ा उस समय खुलकर सामने आई जब पहली बार जिले में जेडीएस कर्मचारियों की बड़ी जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। छत्तीसगढ़ प्रदेश स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के बैनर तले प्रकोष्ठ संघ के जिलाध्यक्ष निलेश कुमार साहू के नेतृत्व में आयोजित इस बैठक में कर्मचारियों ने वर्षों से बेहद कम वेतन में काम करने की मजबूरी और अपनी समस्याओं को मार्मिक स्वर में रखा।बैठक में कर्मचारियों ने कहा कि कई लोग 3 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह जैसे बेहद कम मानदेय पर वर्षों से अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं। इतनी कम आय में परिवार चलाना, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करना बेहद कठिन हो गया है। इसके बावजूद वे स्वास्थ्य व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।बैठक में कर्मचारियों के नियमितीकरण के लिए ठोस पहल करने, सभी कर्मचारियों को सम्मानजनक वेतन दिलाने तथा संगठन को मजबूत करने के लिए जिला, ब्लॉक और जिला अस्पताल स्तर पर अलग-अलग समितियों के गठन का निर्णय लिया गया। हालांकि इन समितियों की आधिकारिक अधिसूचना अभी जिलाध्यक्ष द्वारा जारी की जानी है।जिलाध्यक्ष निलेश कुमार साहू ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जेडीएस कर्मचारी लंबे समय से कम वेतन में काम करते हुए भी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूती दे रहे हैं। यदि किसी अधिकारी द्वारा बिना कारण कर्मचारियों को परेशान किया गया तो संगठन उनके साथ मजबूती से खड़ा रहेगा। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं और वेतन वृद्धि की मांग को लेकर स्वास्थ्य विभाग को लगातार पत्राचार किया जा रहा है, लेकिन अब तक विभागीय स्तर पर कोई ठोस जवाब नहीं मिला है।बैठक में देवमुनिया, उर्मिला सिंह, तृप्ति सोनी, पार्वती साहू, लोकनाथ राजवाड़े, शालिनी गुर्जर, कमल कुमार, सतीश ठाकुर, देवेंद्र राजवाड़े, तुलेश्वर सिंह, मोतीलाल, सुमन, लिलेश्वर, मीरा, संध्या, नीता साहू, ठाकुर राम सहित बड़ी संख्या में जेडीएस कर्मचारी उपस्थित रहे।बैठक में मौजूद कर्मचारियों का कहना था कि वर्षों से बेहद कम मानदेय में काम करने के बावजूद उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दिया गया। अब समय आ गया है कि जेडीएस कर्मचारियों को उनका हक और सम्मानजनक वेतन मिले। इसके लिए कर्मचारी एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने की तैयारी में हैं।