शासकीय भूमि को निजी बताकर बेची, 41 लोगों से लाखों की ठगी—आरोपी गिरफ्तार

शासकीय भूमि को निजी बताकर बेची, 41 लोगों से लाखों की ठगी—आरोपी गिरफ्तार
शासकीय भूमि को निजी बताकर बेची, 41 लोगों से लाखों की ठगी—आरोपी गिरफ्तार

अम्बिकापुर।थाना कोतवाली पुलिस ने शासकीय (वन) भूमि को अपनी निजी संपत्ति बताकर वर्षों तक भोले-भाले लोगों से लाखों रुपये की ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया है। आरोपी ने झूठे एवं भ्रामक आश्वासन देकर जमीन की अवैध बिक्री की और बाद में साक्ष्य मिटाने का भी प्रयास किया।मामले में वार्ड क्रमांक-10 तकियापारा निवासी नेजारूदीन अंसारी की रिपोर्ट पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी मो. रशीद ने वर्ष 2008 से 2022 के बीच ग्राम रनपुर-खैरबार क्षेत्र की शासकीय वन भूमि को अपनी निजी भूमि बताकर करीब 41 व्यक्तियों को विक्रय किया। प्रत्येक से लगभग 1.50 लाख रुपये की राशि वसूली गई। अधिकांश पीड़ित अल्पशिक्षित एवं आर्थिक रूप से कमजोर थे, जिन्हें भूमि के वास्तविक स्वरूप की जानकारी नहीं थी।जांच के दौरान यह भी सामने आया कि ठगी उजागर होने के बाद आरोपी द्वारा जमीन क्रेताओं पर मूल बिक्री विलेख एवं दस्तावेज वापस देने का दबाव बनाया जा रहा था, साथ ही उन्हें धमकाया और भयभीत किया जा रहा था। पूछताछ में आरोपी किसी भी प्रकार का वैध पट्टा अथवा स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। उसने स्वीकार किया कि बिक्री से संबंधित एग्रीमेंट की प्रतियां जला दी गईं, जिस पर प्रकरण में साक्ष्य नष्ट करने की धारा भी जोड़ी गई।प्रार्थी एवं गवाहों के कथन तथा उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध धोखाधड़ी, छल एवं आपराधिक षड्यंत्र के पर्याप्त साक्ष्य पाए जाने पर उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।इस संपूर्ण कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली निरीक्षक शशिकांत सिन्हा, सहायक उप निरीक्षक विवेक पाण्डेय, सहायक उप निरीक्षक अदीप प्रताप सिंह सहित पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही। सरगुजा पुलिस ने आम नागरिकों से भूमि क्रय-विक्रय से पूर्व राजस्व एवं वन रिकॉर्ड की विधिवत जांच करने की अपील की है।