नन्हे कदमों ने रचा संतुलन का इतिहास, योगासन प्रतियोगिता में प्रतिभाओं की चमक
5वीं जिला स्तरीय योगासन प्रतियोगिता सम्पन्न, सूरजपुर के खिलाड़ियों ने दिखाया हुनर
सूरजपुर। शहर की धरती पर योग की सौम्य ऊर्जा उस समय जीवंत हो उठी, जब स्थानीय शिशु मंदिर स्कूल प्रांगण में 5वीं जिला स्तरीय योगासन प्रतियोगिता का भव्य आयोजन किया गया। छत्तीसगढ़ योग स्पोर्ट्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विष्णु जयंत भारती के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रतियोगिता ने जिले के प्रतिभाशाली बच्चों को अपनी क्षमता और अनुशासन दिखाने का एक सशक्त मंच प्रदान किया।कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रेमनगर क्षेत्र के विधायक भूलन सिंह मरावी रहे, जिनकी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष ऊंचाई दी। विशिष्ट अतिथियों में एसडीएम श्रीमती शिवानी जायसवाल, शैलेन्द्र विशी, सत्यनारायण जायसवाल, अशोक जायसवाल, शैलेष गोयल, सहायक क्रीड़ा अधिकारी शर्तेंदु शुक्ला, कार्तिक निषाद, पवन प्रजापति, एजाज खान, वेदमती साहू एवं देवमुनिया सहित अनेक गणमान्य जन मौजूद रहे।प्रतियोगिता में सब-जूनियर बालिका वर्ग (10-14 वर्ष) में हंसिका राजवाड़े ने प्रथम स्थान प्राप्त कर अपनी प्रतिभा का परचम लहराया, जबकि लतिका राजवाड़े द्वितीय एवं दिव्या राजवाड़े तृतीय रहीं। सब-जूनियर बालक वर्ग में शिवम साहू प्रथम, लल्लू राम साहू द्वितीय एवं सुनील साहू तृतीय स्थान पर रहे।सीनियर बालिका वर्ग (14-18 वर्ष) में युशिका राजवाड़े ने प्रथम स्थान हासिल किया, वहीं सीनियर बालक वर्ग में मयंक राजवाड़े ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए शीर्ष स्थान प्राप्त किया।
प्रतियोगिता के दौरान नन्हे बच्चों द्वारा प्रस्तुत योग के आकर्षक एवं मनमोहक प्रदर्शन ने सभी दर्शकों का मन मोह लिया। उनकी लय, संतुलन और आत्मविश्वास ने यह संदेश दिया कि योग की परंपरा नई पीढ़ी में मजबूती से आगे बढ़ रही है।निर्णायक के रूप में तुलेश्वर राजवाड़े, गोपाल राजवाड़े एवं मोती दास का महत्वपूर्ण योगदान रहा, जिनकी निष्पक्षता और अनुभव ने प्रतियोगिता को सफल बनाया। सभी विजेता खिलाड़ियों को मेडल एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए तथा अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।इस अवसर पर डॉ. रजनीश गर्ग के युवा साथी फाउंडेशन द्वारा डाबर इंडिया के सहयोग से खिलाड़ियों को ग्लूकोज एवं तेल वितरित किया गया, जिससे आयोजन में ऊर्जा और उत्साह का संचार हुआ। बहरहाल अब प्रतियोगिता से चयनित खिलाड़ी अब आगामी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेकर अपने जिले का नाम रोशन करेंगे। कुलमिलाकर योग केवल आसनों का क्रम नहीं, बल्कि आत्मविश्वास, अनुशासन और संतुलन का वह सेतु है, जिस पर चलकर ये नन्हे कदम भविष्य की ऊंचाइयों को छूने निकल पड़े हैं।