पढ़ाई के साथ जीवन की सीख: स्कूल में बच्चे सीख रहे श्रम, स्वच्छता और प्रकृति से प्रेम

पढ़ाई के साथ जीवन की सीख: स्कूल में बच्चे सीख रहे श्रम, स्वच्छता और प्रकृति से प्रेम
पढ़ाई के साथ जीवन की सीख: स्कूल में बच्चे सीख रहे श्रम, स्वच्छता और प्रकृति से प्रेम

रामानुजनगर। विकासखंड रामानुजनगर अंतर्गत शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला जगतपुर में शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं है, बल्कि यहां बच्चों को जीवन जीने की सच्ची सीख भी दी जा रही है। विद्यालय परिसर में स्वच्छता, श्रम और पर्यावरण संरक्षण की अनोखी पहल के माध्यम से बच्चों को जिम्मेदार और संवेदनशील नागरिक बनने की प्रेरणा दी जा रही है।विद्यालय की प्रधानपाठक मयाती कच्छप ने बच्चों को झाड़ू बांधने की विधि सिखाकर श्रम के महत्व को समझाया। यह केवल एक गतिविधि नहीं, बल्कि बच्चों को यह संदेश देने का प्रयास है कि कोई भी काम छोटा नहीं होता और श्रम ही जीवन की असली पूंजी है। बच्चों ने भी उत्साह के साथ इस सीख को अपनाते हुए श्रम के प्रति सम्मान की भावना व्यक्त की।विद्यालय परिसर में विकसित छोटा किचन गार्डन भी बच्चों के लिए प्रकृति से जुड़ने का सुंदर माध्यम बन गया है। यहां टमाटर, बैंगन, मटर, पालक, गाजर, लाल भाजी, मेथी और प्याज जैसी पौष्टिक सब्जियां उगाई जा रही हैं। हरे-भरे पौधों और सुगंधित फूलों से सजा यह परिसर बच्चों के मन में प्रकृति के प्रति प्रेम और संरक्षण की भावना जगाता है।विद्यालय के ईको क्लब प्रभारी विजय कश्यप के मार्गदर्शन में बच्चों को पौधों की देखभाल, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति लगातार जागरूक किया जा रहा है। इस पहल में विद्यालय के शिक्षक परिवार का भी सराहनीय सहयोग मिल रहा है।प्रधानपाठक मयाती कच्छप का कहना है कि ऐसी छोटी-छोटी पहल बच्चों के मन में स्वच्छता की आदत, प्रकृति के प्रति संवेदना और श्रम के प्रति सम्मान की भावना पैदा करती है। यही संस्कार आगे चलकर उन्हें बेहतर इंसान और जिम्मेदार नागरिक बनने की राह दिखाते हैं।