पदोन्नति के साथ सेवानिवृत्त हुए शिक्षक के.के. साहू, सम्मान समारोह में नम हुईं आंखें; शिक्षा को बताया जीवन की सबसे बड़ी साधना

पदोन्नति के साथ सेवानिवृत्त हुए शिक्षक के.के. साहू, सम्मान समारोह में नम हुईं आंखें; शिक्षा को बताया जीवन की सबसे बड़ी साधना
पदोन्नति के साथ सेवानिवृत्त हुए शिक्षक के.के. साहू, सम्मान समारोह में नम हुईं आंखें; शिक्षा को बताया जीवन की सबसे बड़ी साधना

भैयाथान।ग्राम करौंदा मुड़ा स्थित शासकीय विद्यालय में वर्षों तक अपनी सेवाएं देने वाले वरिष्ठ शिक्षक के.के. साहू फरवरी माह में प्राचार्य पद पर पदोन्नति के साथ सेवानिवृत्त हो गए। शैक्षणिक सत्र जारी होने के कारण विभाग द्वारा उन्हें दो माह के लिए शासकीय हाई स्कूल खड़गवां में प्राचार्य के रूप में अपनी सेवाएं देने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है।उनकी लंबी और समर्पित शिक्षकीय यात्रा के सम्मान में ग्राम करौंदा मुड़ा के स्कूल परिवार द्वारा एक गरिमामय सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने श्री साहू के अनुशासन, सरल स्वभाव और शिक्षा के प्रति समर्पण को याद करते हुए उन्हें उपहार व स्मृति चिन्ह भेंट कर भावभीनी विदाई दी। कार्यक्रम के दौरान कई क्षण ऐसे भी आए जब शिक्षक और विद्यार्थियों की आंखें नम हो गईं।वक्ताओं ने कहा कि श्री साहू ने अपने कार्यकाल में न केवल शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाने का प्रयास किया, बल्कि विद्यार्थियों को संस्कार और अनुशासन का भी पाठ पढ़ाया। उनके मार्गदर्शन से कई विद्यार्थियों ने जीवन में नई दिशा प्राप्त की।वहीं शासकीय हाई स्कूल खड़गवां में प्राचार्य पद पर पदोन्नति के बाद पहुंचने पर विद्यालय परिवार ने उनका आत्मीय स्वागत किया। शिक्षकों और कर्मचारियों ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका अभिनंदन किया और उनके नेतृत्व में विद्यालय के बेहतर संचालन की उम्मीद जताई।कार्यक्रम के अंत में श्री साहू ने सभी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में कार्य करना उनके लिए हमेशा गर्व और संतोष का विषय रहा है। उन्होंने कहा कि शिक्षक का दायित्व केवल पढ़ाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के भविष्य को संवारना भी होता है और वे अपने अंतिम कार्यकाल तक इस जिम्मेदारी को पूरी निष्ठा से निभाते रहेंगे।