16वें वर्ष भी शुभांकुर पाण्डेय पर जताया भरोसा, मायापुर में शुरू हुई दुर्गोत्सव की तैयारियां

16वें वर्ष भी शुभांकुर पाण्डेय पर जताया भरोसा, मायापुर में शुरू हुई दुर्गोत्सव की तैयारियां
16वें वर्ष भी शुभांकुर पाण्डेय पर जताया भरोसा, मायापुर में शुरू हुई दुर्गोत्सव की तैयारियां

आस्था के 15 साल पूरे, अब 16वें दुर्गोत्सव को यादगार बनाने जुटी ॐ शिव सेवा समिति

अम्बिकापुर। माँ महामाया की नगरी अम्बिकापुर में शारदीय नवरात्र की आहट के साथ ही दुर्गोत्सव की तैयारियां शुरू हो गई हैं। मायापुर की ॐ शिव सेवा समिति ने इस बार भी माँ भगवती की भक्ति और सेवा को केंद्र में रखते हुए 16वें दुर्गोत्सव को भव्य बनाने का संकल्प लिया है। इसी सिलसिले में रविवार, 6 सितंबर को समिति की आम बैठक आयोजित की गई, जिसमें आयोजन की तैयारियों से लेकर व्यवस्थाओं तक पर विस्तार से चर्चा हुई।पिछले 15 वर्षों से लगातार श्रद्धा और समर्पण के साथ दुर्गोत्सव आयोजित करती आ रही समिति के लिए यह आयोजन महज एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि मायापुर के लोगों की आस्था और आपसी एकजुटता का पर्व बन चुका है। हर वर्ष नवरात्र के दौरान यहां श्रद्धालुओं की भीड़ जुटती है और पूरा क्षेत्र भक्ति के रंग में रंग जाता है।

लगातार 16वीं बार शुभांकुर पाण्डेय पर जताया भरोसा

बैठक का सबसे खास क्षण समिति की कार्यकारिणी के गठन का रहा। समिति के सदस्यों ने पिछले वर्षों के सफल आयोजन और नेतृत्व को देखते हुए शुभांकुर पाण्डेय को लगातार 16वें वर्ष निर्विरोध अध्यक्ष चुना।अध्यक्ष चुने जाने के बाद सदस्यों ने उनका माल्यार्पण कर स्वागत किया और शुभकामनाएं दीं। सदस्यों का कहना था कि सभी को साथ लेकर चलने और आयोजन को जिम्मेदारी के साथ आगे बढ़ाने की उनकी कार्यशैली ने समिति को लगातार मजबूती दी है।लगातार 16 वर्षों तक निर्विरोध भरोसा मिलना अपने आप में समिति और अध्यक्ष के बीच बने विश्वास की कहानी कहता है। यह सिर्फ एक पद की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि वर्षों से निभाई जा रही सेवा और आस्था की परंपरा को आगे बढ़ाने का संकल्प भी है।

16 बिंदुओं पर बनी सहमति, 10 दिनों तक गूंजेगी भक्ति

बैठक में आगामी 10 दिवसीय दुर्गोत्सव को लेकर 16 प्रमुख बिंदुओं पर चर्चा की गई और अलग-अलग व्यवस्थाओं की जिम्मेदारियां तय की गईं। समिति की योजना इस बार आयोजन को पहले से अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और आकर्षक बनाने की है।

माँ भगवती की भव्य और नयनाभिराम प्रतिमा स्थापित की जाएगी। इसके साथ ही विशाल व मजबूत वाटरप्रूफ पंडाल तैयार करने की योजना है। पूजा परिसर से लेकर आसपास के मार्गों तक आकर्षक विद्युत सज्जा और आधुनिक डेकोरेशन किया जाएगा।

16 वर्षों से पूजा की परंपरा निभा रहे पंडित रामेश्वर तिवारी इस वर्ष भी पूरे दस दिनों तक वैदिक मंत्रोच्चार के साथ माँ भगवती की दैनिक पूजा-अर्चना कराएंगे। प्रतिदिन माता को ताजे फल, दूध-दही और सुगंधित फूल-मालाओं का नैवेद्य अर्पित किया जाएगा।

नवरात्र के दौरान एक विशेष रात्रि में भव्य जगराता और माता की चौकी का आयोजन होगा। श्रद्धालुओं के लिए समिति की ओर से विशाल महाभंडारे की व्यवस्था भी की जाएगी।

माता के आगमन से लेकर विसर्जन शोभायात्रा तक उच्च गुणवत्ता वाले साउंड सिस्टम और सुसज्जित वाहनों की व्यवस्था की जाएगी, ताकि आयोजन की धार्मिक गरिमा के साथ व्यवस्थाओं में भी कोई कमी न रहे।

आयोजन नहीं, आस्था का साझा उत्सव

बैठक में मौजूद सदस्यों के बीच सौहार्दपूर्ण वातावरण रहा। सभी ने एक स्वर में आयोजन को सफल बनाने के लिए तन-मन-धन से सहयोग करने का संकल्प लिया।

15 वर्षों से चली आ रही यह परंपरा अब मायापुर की पहचान का हिस्सा बन चुकी है। समिति के लिए हर वर्ष दुर्गोत्सव केवल पंडाल और सजावट का आयोजन नहीं होता, बल्कि उन रिश्तों को फिर से जोड़ने का अवसर भी होता है, जो पूरे साल अपनी-अपनी व्यस्तताओं में बिखरे रहते हैं। नवरात्र के दस दिन यहां भक्ति के साथ मिल-जुलकर सेवा करने और एक-दूसरे के सुख-दुख में सहभागी बनने का भाव भी दिखाई देता है।

बैठक में कौशलेन्द्र पाण्डेय, अमरेश तिवारी, सतीश शुक्ल, अशोक पाण्डेय, शुभांकुर पाण्डेय, दिनेश पाण्डेय, अनिल कुमार मिश्रा, अजय सिंह, हर्ष कुमार पाण्डेय, ऋषभ तिवारी, हर्ष पाण्डेय, रवि पाण्डेय, अमित सिंह, अतुल कश्यप, शुभम राय, प्रिंस जायसवाल, पिंटू गुप्ता, मृत्युंजय गुप्ता, राज गुप्ता (राहुल), मुकेश गुप्ता, आयुष सिन्हा, रिशु राज गुप्ता, अनुराग केशरी, करण गुप्ता, अरविन्द तिवारी, सूरज साहू, सूर्या गुप्ता, दक्ष पाण्डेय, राकेश गुप्ता, धनंजय कुमार वर्मा, राजेश केशरी, मनोहर गुप्ता, राहुल जायसवाल, लक्की गुप्ता और अंकित कुमार पाण्डेय सहित समिति के समस्त पदाधिकारी एवं सदस्य उपस्थित रहे। कुलमिलाकर  16वें वर्ष का यह दुर्गोत्सव श्रद्धा, सेवा और सामूहिक विश्वास की उसी परंपरा को आगे बढ़ाने जा रहा है, जिसकी नींव समिति ने डेढ़ दशक पहले रखी थी।