अधिकारों की बात, कर्तव्यों का एहसास… छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक से जगाई सामाजिक चेतना
सेवा संकल्प अभियान में संविधान से जनकल्याणकारी योजनाओं तक पहुंचा जागरूकता का संदेश
सूरजपुर, 19 सितम्बर 2026। किसी किताब के पन्नों पर लिखे अधिकार तब ही मायने रखते हैं, जब आम नागरिक उन्हें समझे और अपने हिस्से की जिम्मेदारी भी निभाए। इसी सोच को जीवंत करते हुए शासकीय नवीन कन्या महाविद्यालय सूरजपुर की छात्राओं ने नुक्कड़ नाटक के जरिए लोगों को संविधान, नागरिक दायित्व और शासन की कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया।
कलेक्टर श्रीमती रेना जमील के मार्गदर्शन में सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं ने अपने अभिनय और सहज संवादों के माध्यम से ऐसे विषय उठाए, जो सीधे रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े हैं। प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि लोकतंत्र केवल मतदान तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक की सक्रिय भागीदारी जरूरी है।
नाटक के दौरान छात्राओं ने भारतीय संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और बंधुत्व के मूल्यों को सरल अंदाज में सामने रखा। उन्होंने बताया कि संविधान हमें अधिकार देता है, तो समाज और राष्ट्र के प्रति कुछ जिम्मेदारियां भी सौंपता है। सार्वजनिक संपत्ति की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा देना, आपसी भाईचारा बनाए रखना और राष्ट्र की एकता-अखंडता के प्रति प्रतिबद्ध रहना प्रत्येक नागरिक का दायित्व है।
प्रस्तुति का सबसे संवेदनशील पहलू यह रहा कि छात्राओं ने अधिकारों की जानकारी को केवल भाषण तक सीमित नहीं रखा, बल्कि उसे आम जीवन की परिस्थितियों से जोड़कर समझाया। उन्होंने बताया कि जब व्यक्ति अपने अधिकारों को जानता है, तभी वह अन्याय के सामने आवाज उठा पाता है और जब उसे अपने कर्तव्यों का बोध होता है, तब वही जागरूकता समाज के लिए जिम्मेदारी में बदल जाती है।
जानकारी के अभाव में न छूटे किसी पात्र का हक
नुक्कड़ नाटक में सरकारी योजनाओं को लेकर भी महत्वपूर्ण संदेश दिया गया। छात्राओं ने अभिनय के माध्यम से बताया कि कई बार पात्र परिवार केवल जानकारी के अभाव में उन सुविधाओं से दूर रह जाते हैं, जो शासन ने उनके लिए उपलब्ध कराई हैं। किसी जरूरतमंद तक सही सूचना पहुंचाना भी सामाजिक सेवा का एक रूप है।
शिक्षा, स्वास्थ्य, महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सुरक्षा और आर्थिक स्वावलंबन से संबंधित योजनाओं की उपयोगिता को रेखांकित करते हुए छात्राओं ने कहा कि सरकारी प्रयास तभी पूरी तरह सार्थक होंगे, जब उनकी जानकारी अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। पात्र हितग्राही को सही विभाग तक पहुंचने, आवेदन प्रक्रिया समझने और उपलब्ध सुविधाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना समाज के जागरूक लोगों की जिम्मेदारी है।
इस दौरान युवा शक्ति की भूमिका को भी रेखांकित किया गया। छात्राओं ने कहा कि शिक्षित युवा केवल अपने भविष्य का निर्माण करने वाली पीढ़ी नहीं, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव की मजबूत कड़ी भी बन सकते हैं। सही जानकारी साझा कर वे अफवाहों और भ्रम को दूर करने के साथ जरूरतमंद लोगों को उनके अधिकारों तक पहुंचाने में सहयोग कर सकते हैं।
छात्राओं की प्रस्तुति ने यह भाव उभारा कि सेवा केवल किसी की मदद करने का नाम नहीं, बल्कि किसी को उसके अधिकार का रास्ता दिखाना भी है। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से दिया गया यह संदेश कार्यक्रम स्थल से आगे समाज तक पहुंचाने की पहल बना, जिसमें संविधान के प्रति सम्मान, जिम्मेदार नागरिक बनने और जनकल्याणकारी प्रयासों में सहभागी बनने का आह्वान किया गया।