इतिहास की विरासत से युवाओं के भविष्य तक, ‘मन की बात’ में दिखी आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर

इतिहास की विरासत से युवाओं के भविष्य तक, ‘मन की बात’ में दिखी आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर

मंत्री राजेश अग्रवाल ने शासकीय आवास में सुना प्रधानमंत्री का ‘मन की बात’ कार्यक्रम कहा जनभागीदारी से ही मजबूत होती है राष्ट्रनिर्माण की नींव

अम्बिकापुर, 30 अगस्त 2026। देश की मिट्टी में बसी पुरानी विरासत हो या नई पीढ़ी के सपने, गांव की खेती हो या शहर की छोटी-सी रेहड़ी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘मन की बात’ के 137वें संस्करण में देश के विकास की ऐसी ही कई तस्वीरें सामने आईं। इतिहास और संस्कृति को सहेजने से लेकर युवाओं को नशे से दूर रखने, स्वच्छता, स्थानीय कारोबार, खेती में तकनीक और स्वदेशी उत्पादों को बढ़ावा देने तक प्रधानमंत्री ने उन विषयों पर बात की, जिनका सीधा रिश्ता आम लोगों की जिंदगी से है।पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने रविवार को रायपुर स्थित अपने शासकीय आवास में ‘मन की बात’ का सामूहिक श्रवण किया। इस दौरान अंबिकापुर की महापौर श्रीमती मंजूषा भगत सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े नागरिक मौजूद रहे।कार्यक्रम खत्म होने के बाद मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि ‘मन की बात’ की खासियत यही है कि इसमें देश के बड़े मुद्दों के साथ उन लोगों की छोटी-छोटी कोशिशों को भी जगह मिलती है, जो अपने स्तर पर बदलाव की कहानी लिख रहे हैं। प्रधानमंत्री का यह संवाद लोगों को केवल सुनने तक सीमित नहीं रखता, बल्कि उन्हें अपने आसपास कुछ बेहतर करने के लिए भी प्रेरित करता है।

डिजिटल दौर में विरासत को बचाने की पहल

प्रधानमंत्री ने इतिहास और देश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को आधुनिक डिजिटल माध्यमों से संरक्षित करने की जरूरत पर जोर दिया। बदलते दौर में जब बहुत कुछ तेजी से बदल रहा है, ऐसे में अपनी जड़ों और इतिहास को सहेजना आने वाली पीढ़ियों के लिए बेहद जरूरी है।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि भारत की पहचान उसकी संस्कृति, लोक परंपराओं, कला और ऐतिहासिक विरासत से है। तकनीक के सहारे इन्हें सुरक्षित करने से नई पीढ़ी अपने अतीत को केवल किताबों में नहीं, बल्कि आधुनिक माध्यमों से भी समझ और महसूस कर सकेगी।

युवा नशे से दूर रहें, तभी मजबूत होगा भविष्य

‘नशा मुक्त युवा, विकसित भारत’ के संकल्प के साथ प्रधानमंत्री ने युवाओं को नशे से दूर रखने की जरूरत बताई। आज की युवा पीढ़ी के सामने अवसर भी हैं और कई तरह की चुनौतियां भी। ऐसे में उसकी ऊर्जा को सही दिशा देना परिवार और समाज, दोनों की जिम्मेदारी है।

श्री अग्रवाल ने कहा कि देश का भविष्य उसके युवाओं के हाथ में है। यदि युवा स्वस्थ, जागरूक और नशामुक्त रहेगा तो उसकी प्रतिभा और ऊर्जा का इस्तेमाल देश के निर्माण में होगा। इसके लिए केवल सरकार नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग को अपनी भूमिका निभानी होगी।

तिरंगे ने फिर जगाई एकता की भावना

अगस्त में देशभर में निकली तिरंगा यात्राओं का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री ने इनमें उमड़ी भागीदारी को राष्ट्रप्रेम और एकता की भावना से जोड़ा। तिरंगे के साथ सड़कों पर निकलते लोग केवल एक यात्रा का हिस्सा नहीं होते, बल्कि वे अपने भीतर देश के प्रति जुड़ाव और गर्व की भावना भी लेकर चलते हैं।

छोटी दुकान और ठेले से भी मजबूत होती है अर्थव्यवस्था

‘मन की बात’ में पीएम स्वनिधि योजना के जरिए रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबारियों को मिल रहे आर्थिक संबल का भी जिक्र हुआ। किसी छोटे दुकानदार के लिए मिलने वाली आर्थिक मदद महज एक राशि नहीं होती, बल्कि कई बार वही उसके कारोबार को दोबारा खड़ा करने का सहारा बनती है।

मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि रेहड़ी-पटरी और छोटे व्यवसाय करने वाले लोग स्थानीय अर्थव्यवस्था की अहम कड़ी हैं। उनका कारोबार चलता है तो उनके परिवार का चूल्हा जलता है और बाजार की गतिविधियां भी आगे बढ़ती हैं। ऐसे छोटे उद्यमियों को आत्मनिर्भर बनाना वास्तव में समाज के एक बड़े हिस्से को मजबूती देना है।

साफ शहर और स्वच्छ पर्यटन, दोनों एक-दूसरे से जुड़े

प्रधानमंत्री ने स्वच्छ भारत अभियान को निरंतर जनआंदोलन बनाए रखने की जरूरत पर जोर दिया। स्वच्छता किसी एक दिन या अभियान की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि रोजमर्रा की आदत बनने पर ही उसका वास्तविक असर दिखाई देता है।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ने कहा कि पर्यटन स्थलों की खूबसूरती केवल प्राकृतिक दृश्यों से नहीं बढ़ती, वहां की स्वच्छता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। स्वच्छ और सुंदर पर्यटन स्थल बाहर से आने वाले लोगों को आकर्षित करते हैं और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाते हैं। छत्तीसगढ़ की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने में स्वच्छता की बड़ी भूमिका है।

आस्था की यात्राओं से जुड़ी है संस्कृति और रोजी-रोटी

प्रधानमंत्री ने श्री अमरनाथ जी की पावन यात्रा का उल्लेख करते हुए भारत की आध्यात्मिक और धार्मिक यात्रा परंपरा की व्यापकता को रेखांकित किया। देश में ऐसी यात्राएं केवल श्रद्धा और आस्था तक सीमित नहीं हैं। इनके साथ स्थानीय बाजार, छोटे कारोबार, परिवहन और रोजगार भी जुड़े होते हैं।

श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की धरती भी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से समृद्ध है। राम वन गमन पथ, माता कौशल्या की नगरी और अनेक प्राचीन धार्मिक स्थल प्रदेश को आध्यात्मिक पर्यटन के क्षेत्र में विशेष पहचान देते हैं। इन स्थलों को विकसित करने का अर्थ अपनी संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ स्थानीय लोगों के लिए नए अवसर तैयार करना भी है।

खेतों में विज्ञान पहुंचेगा तो किसान की मेहनत को मिलेगा नया सहारा

कृषि में वैज्ञानिक तकनीक और नवाचारों की जरूरत पर प्रधानमंत्री के संदेश को किसानों के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए मंत्री श्री अग्रवाल ने कहा कि खेती अब केवल पारंपरिक तौर-तरीकों तक सीमित नहीं रह सकती। मौसम और बाजार में लगातार हो रहे बदलावों के बीच किसानों को आधुनिक तकनीक और वैज्ञानिक पद्धतियों का साथ मिलना जरूरी है।

उन्होंने कहा कि नई तकनीक के साथ किसानों का पारंपरिक अनुभव भी जुड़ जाए तो खेती अधिक टिकाऊ और लाभकारी बन सकती है। खेत में किसान की मेहनत के साथ विज्ञान का हाथ जुड़ना आने वाले समय में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ताकत दे सकता है।

स्थानीय हुनर को बाजार मिला तो गांव की प्रतिभा भी आगे बढ़ेगी

‘Vocal for Local’ के माध्यम से स्वदेशी और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की अपील भी ‘मन की बात’ में प्रमुखता से सामने आई। स्थानीय कारीगरों, शिल्पकारों और छोटे उद्यमियों के बनाए उत्पादों को बाजार मिलने का मतलब सिर्फ कारोबार बढ़ना नहीं, बल्कि पीढ़ियों से चले आ रहे हुनर का बचा रहना भी है।श्री अग्रवाल ने कहा कि छत्तीसगढ़ की लोककला, हस्तशिल्प और पारंपरिक उत्पाद हमारी पहचान हैं। इन्हें बाजार उपलब्ध कराकर हम एक साथ दो काम कर सकते हैं, अपनी सांस्कृतिक विरासत को बचा सकते हैं और उससे जुड़े लोगों की आजीविका को मजबूत कर सकते हैं।उन्होंने कहा कि ‘मन की बात’ देश के अलग-अलग हिस्सों में हो रहे ऐसे सकारात्मक प्रयासों को सामने लाने का माध्यम बना है, जिनसे आम नागरिकों को प्रेरणा मिलती है। राष्ट्रनिर्माण केवल बड़े फैसलों से नहीं होता, बल्कि समाज के अलग-अलग हिस्सों में लोग जब अपनी जिम्मेदारी समझकर आगे बढ़ते हैं, तभी बदलाव की तस्वीर बनती है।मंत्री श्री राजेश अग्रवाल ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के संबोधन के लिए आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ देश के करोड़ों लोगों को एक संवाद के सूत्र में जोड़ता है। संस्कृति, पर्यावरण, युवा शक्ति, कृषि और स्थानीय अर्थव्यवस्था जैसे विषयों पर प्रधानमंत्री का मार्गदर्शन समाज को अपने स्तर पर बेहतर काम करने की प्रेरणा देता है।