दुर्गापुर की पगडंडी से पुलिस की वर्दी तक पहुंचा अनुक साय का सपना:मुश्किल हालात में भी नहीं टूटा हौसला, अरुणोदय के मार्गदर्शन से बने सब इंस्पेक्टर
सूरजपुर 30 अगस्त 2026। जिस गांव की गलियों में कभी अनुक साय ने अपने भविष्य के सपने देखे थे, आज उसी दुर्गापुर का यह युवा पुलिस की वर्दी पहनकर जिम्मेदारी संभाल रहा है। जिले के प्रेमनगर विकासखंड के छोटे से गांव से निकलकर थाना बचेली में सब इंस्पेक्टर के पद तक पहुंचना अनुक के लिए किसी आसान राह का नतीजा नहीं, बल्कि लंबे समय तक की गई मेहनत, धैर्य और संघर्ष का फल है।प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी शुरू करते समय उनके सामने सबसे बड़ी परेशानी थी सही दिशा का अभाव। सीमित आर्थिक साधनों के कारण महंगी कोचिंग लेना संभव नहीं था। मन में अधिकारी बनने की चाह थी, लेकिन तैयारी को लेकर कई सवाल भी थे। ऐसे समय में जिला प्रशासन की ओर से संचालित अरुणोदय करियर इंस्टीट्यूट उनके लिए उम्मीद की एक नई राह लेकर आया।जिला खनिज न्यास निधि (डीएमएफ) के सहयोग से संचालित इस संस्थान में युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कक्षाएं और मार्गदर्शन दिया जाता है। अनुक ने यहां दाखिला लिया तो पढ़ाई को एक तय दिशा मिली। शिक्षकों ने उनकी कमजोरियों पर काम कराया और बुनियादी विषयों को मजबूत करने पर जोर दिया। धीरे-धीरे उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया।नियमित पढ़ाई के साथ टेस्ट सीरीज ने परीक्षा के माहौल को समझने में मदद की। जहां गलती हुई, वहां उसे दोबारा सुधारने का प्रयास किया। डाउट क्लियरिंग और व्यक्तिगत मार्गदर्शन से तैयारी और पुख्ता होती गई। इस पूरी प्रक्रिया में अनुक ने एक बात नहीं छोड़ी, वह थी लगातार मेहनत।समय के साथ उनकी तैयारी ने परिणाम देना शुरू किया और आखिरकार वह दिन भी आया, जब सब इंस्पेक्टर के पद पर चयन की खबर मिली। परिवार की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। गांव के लोगों के लिए भी यह उपलब्धि खास थी, क्योंकि उनके बीच का एक युवा अपने दम पर उस मुकाम तक पहुंचा था, जिसका सपना वह वर्षों से देख रहा था।अनुक की कहानी उन कई युवाओं के लिए उम्मीद जगाती है, जो प्रतिभा और मेहनत तो रखते हैं, लेकिन आर्थिक परेशानियों के कारण प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में पीछे रह जाते हैं। अरुणोदय करियर इंस्टीट्यूट ऐसे विद्यार्थियों को पढ़ाई का अवसर देने के साथ उन्हें सही दिशा देने का काम कर रहा है। यहां से पढ़कर कई युवा अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल कर चुके हैं।अनुक अपनी कामयाबी के पीछे परिवार के सहयोग के साथ जिला प्रशासन और जिला खनिज न्यास निधि की पहल को भी अहम मानते हैं। उनका कहना है कि यदि मेहनत करने वाले युवाओं को सही समय पर सही मार्गदर्शन और अवसर मिल जाए, तो गांव से निकला साधारण परिवार का बेटा भी बड़ी मंजिल हासिल कर सकता है।प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अनुक का संदेश बिल्कुल सीधा है। वे कहते हैं, “रास्ता कितना भी कठिन हो, मेहनत बंद नहीं करनी चाहिए। धैर्य बनाए रखें और सही दिशा में लगातार प्रयास करते रहें। सफलता देर से मिले, लेकिन मिलती जरूर है।”