दवा दुकानों की बंदी के पीछे उठी जनस्वास्थ्य की चिंता, 20 मई को सरगुजा में थमेगा दवा कारोबार

दवा दुकानों की बंदी के पीछे उठी जनस्वास्थ्य की चिंता, 20 मई को सरगुजा में थमेगा दवा कारोबार

अम्बिकापुर।सरगुजा जिले में 20 मई को दवा दुकानों के शटर बंद रहेंगे। यह बंद केवल व्यापारिक विरोध का प्रतीक नहीं, बल्कि दवा व्यवसाय से जुड़े लोगों की उन चिंताओं की आवाज है, जो धीरे-धीरे पूरे स्वास्थ्य तंत्र को प्रभावित करती दिखाई दे रही हैं। सरगुजा औषधि विक्रेता संघ ने राष्ट्रव्यापी दवा व्यापार बंद के समर्थन में प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगों को गंभीरता से रखने का प्रयास किया है।संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सरगुजा कलेक्टर श्री अजित बसंत, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन अम्बिकापुर इकाई के अध्यक्ष डॉ. अजय तिर्की तथा खाद्य एवं औषधि प्रशासन के एडीसी श्री किशोर ठाकुर की अनुपस्थिति में ड्रग इंस्पेक्टर श्री अनिल पैंकरा एवं श्री अमरेश तिर्की को ज्ञापन सौंपा।

संघ के अध्यक्ष अमित मिंटू अग्रवाल ने बताया कि यह राष्ट्रव्यापी बंद ऑल इंडिया ऑर्गनाइजेशन ऑफ केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट के आह्वान पर आयोजित किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि देशभर के लगभग 12 लाख 50 हजार दवा विक्रेता एवं वितरक इस आंदोलन से जुड़े हैं और उनका उद्देश्य दवा व्यवसाय को सुरक्षित एवं व्यवस्थित बनाए रखना है।संघ के उपाध्यक्ष नरेंद्र कुमार विश्वकर्मा ने अपील करते हुए कहा कि दवा केवल व्यापार की वस्तु नहीं होती, बल्कि यह लोगों की जिंदगी और भरोसे से जुड़ा माध्यम है। ऐसे में अवैध ई-फार्मेसी संचालन, बड़े कॉर्पोरेट समूहों द्वारा भारी छूट के नाम पर बाजार व्यवस्था को प्रभावित करना तथा कोविड काल में जारी अधिसूचना क्रमांक 220 जैसे मुद्दे छोटे दवा व्यवसायियों के साथ-साथ आम उपभोक्ताओं के हितों पर भी असर डाल रहे हैं।ज्ञापन में मांग की गई है कि अवैध ऑनलाइन दवा बिक्री पर सख्त रोक लगाई जाए, बड़े कॉर्पोरेट समूहों द्वारा अत्यधिक छूट आधारित दवा बिक्री को नियंत्रित किया जाए तथा कोविड-19 अवधि में जारी अधिसूचना क्रमांक 220 को वापस लिया जाए।इस दौरान संघ के सचिव अजय पाठक, कोषाध्यक्ष प्रकाश श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष नरेंद्र भानु विश्वकर्मा, सुमित अग्रवाल, लोकेश सोनी, विक्की मुस्तफा रजा खान सहित बड़ी संख्या में दवा व्यवसायी उपस्थित रहे।