धान उठाव की धीमी रफ्तार से समितियां परेशान: करीब 1.31 लाख मीट्रिक टन धान अब भी शेष, कर्मचारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन
सूरजपुर। जिले में धान उठाव की धीमी गति और धान परिवहन के दौरान हो रहे सुखत (नुकसान) की समस्या को लेकर सहकारी समिति कर्मचारियों ने सोमवार को कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर त्वरित कार्रवाई की मांग की। दरअसल आज सूरजपुर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी कर्मचारी संघ के संबद्ध आदिम जाति सेवा सहकारी समिति कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष अशोक कुमार साहु के नेतृत्व में कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल ने समितियों की समस्याओं से अवगत कराया।ज्ञापन में बताया गया कि जिले के 54 धान उपार्जन केंद्रों में धान का उठाव बहुत धीमी गति से हो रहा है। 9 मार्च 2026 तक उपार्जन केंद्रों से 2,42,884.32 मीट्रिक टन धान का उठाव हुआ है, जबकि पूरे जिले में कुल 3,74,222.16 मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई थी। वर्तमान स्थिति में समितियों और उपार्जन केंद्रों में अभी भी 1,31,337.34 मीट्रिक टन धान का स्टॉक शेष है।कर्मचारी संघ ने बताया कि जो भी धान परिवहन हो रहा है, उसमें समितियों को आर्थिक नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही जिन समितियों में डी.ओ. कट चुका है, वहां भी समय पर धान का उठाव नहीं होने से स्थिति और गंभीर होती जा रही है।संघ के पदाधिकारियों ने कलेक्टर से मांग की कि समितियों में शेष धान स्टॉक का अतिशीघ्र उठाव कराया जाए तथा धान परिवहन के दौरान होने वाले सुखत (नुकसान) की समस्या का भी शीघ्र निराकरण किया जाए, ताकि समितियों को आर्थिक क्षति से बचाया जा सके।इस दौरान विनय सिंह, महेंद्र कुशवाहा, राजेश कुशवाहा, संलिप्त कुशवाहा, धनेश्वर प्रसाद सिंह, अशोक सोनी, मेहदी हसन, विनोद जायसवाल, नरेन्द्र सिंह, राजेश सिंह, मदन गुर्जर, इंद्रेश जायसवाल, श्यामलाल प्रजापति, तुलेश्वर प्रजापति, विश्वनाथ राजवाड़े, सोहराब अंसारी,सतेश्वर साहू, सुनील कुशवाहा, महेश सिंह, मोहन राजवाड़े, शशि सिंह, विभू सिंह, सीताराम, ठाकुर प्रसाद सिंह और बलदेव सिंह सहित अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे।