मनरेगा बचाओ संघर्ष: कांग्रेस का गांधी चौक पर उपवास-धरना, मोदी सरकार पर ग्रामीण रोजगार खत्म करने का आरोप

मनरेगा बचाओ संघर्ष: कांग्रेस का गांधी चौक पर उपवास-धरना, मोदी सरकार पर ग्रामीण रोजगार खत्म करने का आरोप
मनरेगा बचाओ संघर्ष: कांग्रेस का गांधी चौक पर उपवास-धरना, मोदी सरकार पर ग्रामीण रोजगार खत्म करने का आरोप

अम्बिकापुर। रोजगार की गारंटी देने वाली मनरेगा योजना को कमजोर किए जाने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने गांधी चौक पर एक दिवसीय उपवास व धरना प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का नेतृत्व कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव एवं छत्तीसगढ़ सहप्रभारी जरिता लैतफलांग ने किया। यह आयोजन कांग्रेस के घोषित 45 दिवसीय ‘मनरेगा बचाओ संघर्ष’ अभियान का हिस्सा रहा।धरने की शुरुआत सुबह 9 बजे लाल बहादुर शास्त्री की पुण्यतिथि पर उनके चित्र तथा महात्मा गांधी की प्रतिमा पर माल्यार्पण के साथ हुई। शाम 4 बजे तक चले उपवास का समापन गुड़-चूड़ा ग्रहण कर किया गया।सभा को संबोधित करते हुए जरिता लैतफलांग ने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी सरकार मनरेगा में बदलाव कर उसकी मूल भावना को समाप्त कर रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गहरी चोट पहुंच रही है। उन्होंने कहा कि देश के करीब 12 करोड़ पंजीकृत मजदूरों को साल में 50 दिन का रोजगार भी नहीं मिल पा रहा, जबकि 125 दिन रोजगार देने के दावे केवल विज्ञापनों तक सीमित हैं। नेटवर्क और शिक्षा की कमी वाले ग्रामीण क्षेत्रों में ‘रियल-टाइम मॉनिटरिंग’ जैसे दावे अव्यावहारिक हैं।कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना से उनका नाम हटाने का प्रयास निंदनीय है। नई व्यवस्था से रोजगार की गारंटी कमजोर हुई है और ग्राम पंचायतों की भूमिका भी सीमित कर दी गई है, जिससे स्थानीय स्वशासन प्रभावित हुआ है।सात घंटे चले इस उपवास-धरना में पूर्व मंत्री प्रेमसाय सिंह, अमरजीत भगत सहित वरिष्ठ नेता, पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान केंद्र सरकार से मनरेगा की मूल संरचना बहाल करने और ग्रामीण रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग दोहराई गई।