वनों की रक्षा और पर्यावरण जागरूकता में मिसाल बनीं दीप्ति वर्मा, राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजी गईं अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर सूरजपुर की मातृशक्ति की बढ़ाई गौरव
सूरजपुर। अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर सूरजपुर जिले की मातृशक्ति ने एक बार फिर अपनी प्रतिभा और समर्पण का परिचय दिया। जिले के वन विभाग में तकनीकी सहायक के रूप में कार्यरत श्रीमती दीप्ति वर्मा को पर्यावरण संरक्षण और जनजागरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य के लिए राज्य स्तरीय सम्मान से नवाजा गया। यह सम्मान रायपुर में लावण्या फाउंडेशन द्वारा आयोजित भव्य समारोह में प्रदान किया गया।कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों से समाज सेवा, शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण सहित अलग-अलग क्षेत्रों में उल्लेखनीय कार्य करने वाली कुल 51 महिलाओं को सम्मानित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल थे, जिनकी अध्यक्षता में यह कार्यक्रम गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। आपको बताते चलें कि श्रीमती दीप्ति वर्मा को यह सम्मान पर्यावरण संरक्षण, वनों एवं वन्यजीवों के संवर्धन के लिए किए गए उनके उल्लेखनीय कार्यों के लिए दिया गया। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों के बीच जाकर वन संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने, वन विभाग के मैदानी अधिकारियों-कर्मचारियों एवं वन समितियों को नवाचार गतिविधियों का प्रशिक्षण देने तथा अधिक से अधिक वृक्षारोपण कर उसे सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।इसके साथ ही उन्होंने वन विभाग की विभिन्न योजनाओं और गतिविधियों को जमीन स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्रिय योगदान दिया है। उनके प्रयासों से कई गांवों में लोगों में पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ी है और सामुदायिक भागीदारी के साथ वृक्षारोपण एवं संरक्षण के कार्यों को नई गति मिली है।अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर मिला यह सम्मान न केवल दीप्ति वर्मा की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि यह सूरजपुर जिले की मातृशक्ति के समर्पण, नेतृत्व और सामाजिक योगदान की पहचान भी बन गया है। जिले के सामाजिक संगठनों, वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों एवं क्षेत्रवासियों ने इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।