अपराध पर शिकंजा कसने की तैयारी, एसपी ने कहा: सिर्फ एफआईआर नहीं, आरोपी को सजा तक पहुंचाना लक्ष्य

अपराध पर शिकंजा कसने की तैयारी, एसपी ने कहा: सिर्फ एफआईआर नहीं, आरोपी को सजा तक पहुंचाना लक्ष्य

सूरजपुर। अपराध होने के बाद मामला दर्ज कर देना पुलिस की जिम्मेदारी का अंत नहीं, बल्कि असली परीक्षा वहीं से शुरू होती है। पीड़ित को न्याय मिले और दोषी कानून के शिकंजे से बच न पाए, इसके लिए विवेचना से लेकर न्यायालय में सजा तक हर कड़ी मजबूत होनी चाहिए। इसी सोच के साथ पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल (भापुसे) ने मंगलवार, 8 सितंबर को जिले के पुलिस अधिकारियों की क्राइम मीटिंग लेकर लंबित प्रकरणों की समीक्षा की और कार्रवाई में किसी तरह की ढिलाई नहीं बरतने के निर्देश दिए।बैठक में उन्होंने थानों एवं चौकियों में लंबित अपराध, चालान और मर्ग प्रकरणों की स्थिति जानी। संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक मामले की प्रगति पर नजर रखते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी कर समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने कहा। आम नागरिकों से मिलने वाली शिकायतों की निष्पक्ष जांच और त्वरित समाधान पर भी विशेष जोर दिया गया।एसपी ने स्पष्ट किया कि केवल एफआईआर दर्ज करना पर्याप्त नहीं है। घटना के पीछे के कारण, परिस्थितियों, उपलब्ध साक्ष्यों और संदिग्धों की भूमिका को बारीकी से परखते हुए विवेचना को मजबूत बनाया जाए। वैज्ञानिक एवं तकनीकी साक्ष्यों का अधिकतम उपयोग कर ऐसा अभियोजन तैयार किया जाए, जिससे दोषियों को न्यायालय में सजा दिलाने में कोई कमी न रहे। फरार आरोपियों की तलाश तेज करने और समय पर अभियोग पत्र पेश करने के निर्देश भी दिए गए।उन्होंने पुलिस अधिकारियों से कहा कि अपने-अपने बीट क्षेत्र को केवल नक्शे पर नहीं, बल्कि जमीन पर भी जानें। स्थानीय लोगों से निरंतर संवाद रखें, संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी जुटाएं और जरूरत पड़ने पर वैधानिक कार्रवाई करें। बिना नंबर या संदिग्ध वाहनों की जांच के साथ साइबर ठगी, नशे और यातायात नियमों को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाने के लिए भी कहा गया।

सीसीटीवी को बनाया जाएगा सुरक्षा का मजबूत हथियार

अपराधियों की पहचान और घटनाओं की कड़ियां जोड़ने में सीसीटीवी की भूमिका को देखते हुए प्रमुख स्थानों तथा शहर से बाहर जाने वाले मार्गों पर कैमरों का नेटवर्क बढ़ाने पर जोर दिया गया। इसके लिए आम नागरिकों और व्यापारियों से सहयोग लेने की बात कही गई। घरों व दुकानों पर लगाए जाने वाले कैमरों का फोकस मुख्य सड़क और आवाजाही वाले रास्तों की ओर रखने के लिए लोगों को प्रेरित करने के निर्देश दिए गए, ताकि जरूरत के समय पुलिस को अहम फुटेज मिल सके।

गणेश उत्सव में सुरक्षा और यातायात व्यवस्था पर नजर

आगामी गणेश पूजा को देखते हुए एसपी ने सभी थाना क्षेत्रों में प्रतिमा स्थापना स्थलों का जायजा लेने और आयोजकों से पहले ही समन्वय स्थापित करने को कहा। धार्मिक आयोजनों तथा सार्वजनिक कार्यक्रमों में भीड़ का दबाव, यातायात और कानून-व्यवस्था प्रभावित न हो, इसके लिए पर्याप्त बल की तैनाती और पहले से जरूरी इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक योगेश देवांगन, सीएसपी बेनार्ड कुजूर, एसडीओपी सूरजपुर अभिषेक पैंकरा, एसडीओपी ओड़गी राजेन्द्र मण्डावी, एसडीओपी प्रतापपुर अनूप एक्का, डीएसपी अजाक रीता नीलम कुजूर, डीएसपी मुख्यालय महालक्ष्मी कुलदीप सहित जिले के थाना-चौकी प्रभारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे।