आपराधिक मामले में एफआईआर के बाद कांग्रेस का बड़ा फैसला, ज्ञान तिवारी निलंबित

आपराधिक मामले में एफआईआर के बाद कांग्रेस का बड़ा फैसला, ज्ञान तिवारी निलंबित

अम्बिकापुर। गांधीनगर थाना क्षेत्र में गंभीर आपराधिक मामले में एफआईआर दर्ज होने के बाद जिला कांग्रेस कमेटी सरगुजा ने गहिरा गुरु विश्वविद्यालय एनएसयूआई प्रभारी एवं उपाध्यक्ष ज्ञान तिवारी के खिलाफ कार्रवाई की है। जिला कांग्रेस अध्यक्ष बालकृष्ण पाठक ने 14 सितंबर को जारी आदेश के जरिए उन्हें तत्काल प्रभाव से पार्टी के छात्र संगठन सहित कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता और सभी संगठनात्मक पदों से निलंबित कर दिया है।

जिला कांग्रेस अध्यक्ष की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि विभिन्न समाचार माध्यमों से ज्ञान तिवारी के खिलाफ थाना गांधीनगर, अंबिकापुर में आपराधिक प्रकरण दर्ज होने की जानकारी मिली। प्राथमिकी में लगाए गए आरोपों को पार्टी ने अपने संविधान, विचारधारा और आदर्श आचरण के प्रतिकूल माना है। पत्र में कहा गया है कि अनुशासित राजनीतिक दल होने के नाते कांग्रेस कानून और नैतिकता के विरुद्ध किसी भी आचरण को स्वीकार नहीं कर सकती।

24 घंटे में मांगा जवाब, नहीं मिलने पर निलंबन

मामला सामने आने के बाद ज्ञान तिवारी को 24 घंटे के भीतर जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। तय समय में उनका प्रत्युत्तर प्राप्त नहीं होने के बाद संगठन ने तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की।

हालांकि, उन्हें अपना पक्ष रखने के लिए अब तीन दिन का समय दिया गया है। इस अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्थायी निष्कासन की कार्रवाई की जाएगी।

पार्टी के नाम और पद के इस्तेमाल पर रोक

निलंबन अवधि में ज्ञान तिवारी कांग्रेस के नाम, बैनर और अपने पद का इस्तेमाल किसी भी सार्वजनिक या निजी मंच पर नहीं कर सकेंगे। आदेश की प्रतिलिपि एनएसयूआई छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष नीरज पांडे और एनएसयूआई सरगुजा जिला अध्यक्ष आशीष जायसवाल को भी भेजी गई है।