गांव-गांव पहुंची न्याय की रोशनी: सागरपुर और रामपुर में कानूनी जागरूकता का संदेश, “अपने अधिकारों के लिए कभी खुद को कमजोर न समझें”
सूरजपुर। न्याय अब सिर्फ अदालतों की चारदीवारी तक सीमित नहीं, बल्कि गांव की चौपाल तक पहुंच रहा है। माननीय अध्यक्ष/प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विनीता वार्नर के मार्गदर्शन एवं सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुश्री पायल टोपनो के दिशा-निर्देशन में ग्राम पंचायत भवन सागरपुर, राशन वितरण केंद्र सागरपुर तथा ग्राम पंचायत भवन रामपुर में ‘कानूनी जागरूकता कार्यक्रम’ का सफल आयोजन किया गया।कार्यक्रम में पैरालीगल वॉलिंटियर श्री सत्य नारायण ने ग्रामीणों को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराते हुए कहा, “कानूनी लड़ाई में कभी भी अपने आप को कमजोर न समझें। न्याय सबके लिए है।” उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को नि:शुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराई जाती है।उन्होंने जानकारी दी कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987 के तहत देश के प्रत्येक जिला न्यायालय में विधिक सेवा प्राधिकरण कार्यालय संचालित है, जहां से पात्र व्यक्तियों को मुफ्त कानूनी सलाह और अधिवक्ता उपलब्ध कराया जाता है। किसी भी प्रकार की कानूनी सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।आगामी 14 मार्च 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की जानकारी देते हुए उन्होंने लोक अदालत में रखे जाने वाले प्रकरणों, त्वरित निपटारे की प्रक्रिया तथा इसके लाभों पर विस्तार से प्रकाश डाला। साथ ही मध्यस्थता (मेडिएशन) के महत्व को रेखांकित करते हुए बताया कि आपसी समझौते से विवादों का समाधान समय, धन और मानसिक तनाव—तीनों की बचत करता है।कार्यक्रम में लीगल एड डिफेंस काउंसिल सिस्टम की सेवाओं, बाल विवाह निषेध, टोनही प्रताड़ना निवारण अधिनियम, आबकारी अधिनियम एवं नालसा की नवीन योजनाओं के संबंध में भी विस्तृत जानकारी दी गई।इस अवसर पर ग्राम पंचायत सागरपुर एवं रामपुर के सरपंच महेंद्र सिंह, गोषित सिंह, सरनाम सिंह, लीगल एड डिफेंस काउंसिल स्टाफ, सचिव श्री निजामुद्दीन, पंचगण एवं बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कुलमिलाकर कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि न्याय की डगर अब आसान है—बस जागरूकता और पहल की जरूरत है।