खेल मैदान में खिला प्रतिभाओं का हुनर, संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में खिलाड़ियों ने दिखाया जज्बा
कबड्डी, खो-खो और वॉलीबॉल के मुकाबलों में छह जिलों के खिलाड़ियों ने बिखेरा खेल कौशल, विजेता टीमों ने हासिल की सफलता
सूरजपुर। खेल का मैदान केवल जीत और हार का साक्षी नहीं होता, बल्कि यह बच्चों के सपनों, मेहनत और आत्मविश्वास को आकार देने वाली धरती भी है। विश्रामपुर के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय परिसर में आयोजित संभाग स्तरीय शालेय क्रीड़ा प्रतियोगिता में कुछ ऐसा ही उत्साह देखने को मिला। 16 से 17 सितम्बर तक चले दो दिवसीय आयोजन में छह जिलों से पहुंचे बालक-बालिकाओं ने अपनी खेल प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए अनुशासन, आपसी तालमेल और संघर्ष की भावना का परिचय दिया।कलेक्टर श्रीमती रेना जमील एवं जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा के मार्गदर्शन में आयोजित इस स्पर्धा में 14 वर्ष आयु वर्ग के कबड्डी तथा 17 वर्ष आयु वर्ग के खो-खो और वॉलीबॉल मुकाबले हुए। विभिन्न जिलों से आए खिलाड़ियों ने मैदान पर पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और खेल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दिखाई।
खो-खो में सूरजपुर की बेटियों ने रचा गौरव
17 वर्ष आयु वर्ग के खो-खो बालक वर्ग में बलरामपुर की टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए विजेता का स्थान हासिल किया, जबकि जशपुर की टीम उपविजेता बनी। बालिका वर्ग में सूरजपुर की खिलाड़ियों ने बेहतरीन तालमेल और दमदार खेल के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। कोरिया की टीम को उपविजेता के खिताब से संतोष करना पड़ा।
कबड्डी में कोरिया की बालिकाओं का दबदबा
14 वर्ष आयु वर्ग के कबड्डी बालक वर्ग में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की टीम ने बाजी मारी। बलरामपुर की टीम दूसरे स्थान पर रही। बालिका वर्ग में कोरिया ने विजेता का खिताब अपने नाम किया, वहीं सूरजपुर की टीम उपविजेता बनी। मुकाबलों के दौरान खिलाड़ियों की फुर्ती, रणनीति और टीमवर्क ने खेल प्रेमियों का ध्यान आकर्षित किया।
वॉलीबॉल में सूरजपुर के बालकों ने हासिल की जीत
17 वर्ष आयु वर्ग के वॉलीबॉल बालक वर्ग में सूरजपुर की टीम ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने का गौरव प्राप्त किया। सरगुजा की टीम उपविजेता रही। बालिका वर्ग में कोरिया ने प्रथम स्थान हासिल किया, जबकि अंबिकापुर की टीम दूसरे पायदान पर रही।
खेल भावना ने बढ़ाया आयोजन का मान
दो दिनों तक चले इस आयोजन में खिलाड़ियों ने जीत के लिए अपनी पूरी क्षमता झोंक दी। कहीं निर्णायक क्षणों में दमदार प्रदर्शन देखने को मिला, तो कहीं प्रतिद्वंद्वी टीमों के बीच सहयोग और सम्मान की भावना नजर आई। खेल के मैदान पर उभरती इन प्रतिभाओं ने यह संदेश दिया कि सफलता केवल पदक तक सीमित नहीं, बल्कि निरंतर अभ्यास, अनुशासन और आत्मविश्वास से भी जुड़ी होती है।प्रतियोगिता के समापन अवसर पर गणमान्य नागरिकों ने विजेता एवं उपविजेता टीमों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन ग्रामीण और शालेय स्तर पर छिपी प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर प्रदान करते हैं।कार्यक्रम में एमेच्योर वॉलीबॉल संघ सूरजपुर के अध्यक्ष श्री अजय गोयल, सचिव श्री रामसिंगार यादव, सहायक जिला क्रीड़ा अधिकारी श्री डेंजू कुमार शुक्ला सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। आयोजन को सफल बनाने में व्यायाम शिक्षकों, छह जिलों से पहुंचे प्रशिक्षकों, मैनेजरों, दल प्रबंधकों और छात्र-छात्राओं की महत्वपूर्ण सहभागिता रही।