मैनपाट की खूबसूरती पर गंदगी का ग्रहण, टाइगर प्वाइंट पहुंचे विधायक रामकुमार टोप्पो ने लगाई फटकार
औचक निरीक्षण में अव्यवस्थाओं से हुए रूबरू, धूम्रपान निषेध क्षेत्र में गुटखा बिक्री पर जताई नाराजगी: निगरानी समिति और अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने की हिदायत
मैनपाट। पहाड़ों की खूबसूरती, प्राकृतिक नजारों और ठंडी हवाओं के लिए पहचाने जाने वाले मैनपाट के पर्यटन स्थलों पर यदि गंदगी और अव्यवस्थाएं हावी होने लगें, तो इसका असर न केवल पर्यटकों के अनुभव पर पड़ता है, बल्कि क्षेत्र की पहचान पर भी सवाल खड़े होते हैं। इसी चिंता के बीच सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने रविवार को पर्यटन स्थल टाइगर प्वाइंट का औचक निरीक्षण किया। प्रोटोकॉल कार्यक्रम में शामिल होने के लिए मैनपाट प्रवास के दौरान पहुंचे विधायक ने मौके पर सफाई व्यवस्था की स्थिति देखी और कमियां मिलने पर नाराजगी जाहिर की।निरीक्षण के दौरान परिसर में जगह-जगह बिखरा कूड़ा-करकट और अव्यवस्थित स्थिति सामने आई। पर्यटकों की सुविधा और पर्यटन स्थल की गरिमा से जुड़े इन विषयों को लेकर विधायक ने संबंधित निगरानी समिति तथा विभागीय अधिकारियों से जानकारी ली। वहीं, धूम्रपान वर्जित क्षेत्र में गुटखा की बिक्री किए जाने की स्थिति सामने आने पर उन्होंने गंभीर आपत्ति जताई और जिम्मेदारों से जवाब-तलब किया।
पर्यटन स्थल की पहचान से जुड़ी है स्वच्छता
विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि मैनपाट के प्राकृतिक सौंदर्य को देखने के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से पर्यटक पहुंचते हैं। ऐसे में पर्यटन स्थलों पर स्वच्छता, अनुशासन और सुविधाओं का बेहतर होना जरूरी है। पर्यटकों को यदि गंदगी और अव्यवस्था का सामना करना पड़े, तो इससे क्षेत्र की सकारात्मक छवि प्रभावित होती है।उन्होंने निगरानी समिति और संबंधित अधिकारियों को नियमित निरीक्षण करने, सफाई व्यवस्था पर नजर रखने तथा सामने आई कमियों को तत्काल दूर कराने के निर्देश दिए। साथ ही पर्यटन स्थल पर सुरक्षा, स्वच्छता और बुनियादी सुविधाओं को प्राथमिकता देने पर जोर दिया, ताकि यहां आने वाले लोगों को बेहतर वातावरण मिल सके।
निगरानी में ढिलाई पर उठे सवाल
टाइगर प्वाइंट जैसे प्रमुख पर्यटन स्थल पर प्रतिबंधित क्षेत्र में गुटखा बिक्री की स्थिति सामने आना निगरानी व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े करता है। विधायक ने संबंधित पक्षों को जिम्मेदारी के साथ काम करने की हिदायत देते हुए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।औचक निरीक्षण के दौरान दिए गए निर्देशों से अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि पर्यटन स्थल की सफाई, प्रतिबंधित गतिविधियों पर नियंत्रण और अन्य व्यवस्थाओं में जमीनी स्तर पर कितना सुधार आता है। पर्यटकों की आवाजाही वाले इस स्थल को व्यवस्थित बनाए रखना केवल विभागीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि मैनपाट की पर्यटन पहचान और स्थानीय लोगों की आजीविका से भी जुड़ा विषय है।