गाँव की मिट्टी से निकले विचारों ने राज्य स्तरीय मंच पर बिखेरी चमक, छात्रा आस्था गिरी ने किया प्रभावशाली पेपर प्रेजेंटेशन

गाँव की मिट्टी से निकले विचारों ने राज्य स्तरीय मंच पर बिखेरी चमक, छात्रा आस्था गिरी ने किया प्रभावशाली पेपर प्रेजेंटेशन

ओड़गी।दूरस्थ अंचल की बेटियाँ अब केवल सपने नहीं देख रहीं, बल्कि अपने ज्ञान और आत्मविश्वास से बड़े मंचों पर नई पहचान भी गढ़ रही हैं। इसी कड़ी में शासकीय नवीन महाविद्यालय चांदनी बिहारपुर की बीएससी चतुर्थ सेमेस्टर की छात्रा आस्था गिरी ने राज्य स्तरीय सेमिनार में शानदार पेपर प्रेजेंटेशन कर महाविद्यालय और क्षेत्र का गौरव बढ़ाया है।शासकीय महाविद्यालय विश्रामपुर में सी-कोस्ट द्वारा प्रायोजित रूरल टूरिज्म एंड सस्टेनेबल डेवलपमेंट विषय पर आयोजित राज्य स्तरीय सेमिनार में आस्था गिरी ने रूरल टूरिज्म : बैलेंसिंग एंड अपॉर्च्युनिटी विषय पर अपने विचार प्रस्तुत किए। अपने प्रेजेंटेशन में उन्होंने ग्रामीण पर्यटन की अपार संभावनाओं, उससे जुड़ी चुनौतियों और विकास तथा संस्कृति के बीच संतुलन बनाए रखने की आवश्यकता पर विस्तृत प्रकाश डाला।उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों की प्राकृतिक सुंदरता, लोक संस्कृति, परंपराएं और स्थानीय जीवनशैली पर्यटन के लिए आकर्षण का केंद्र बन सकती हैं। यदि योजनाबद्ध तरीके से कार्य किया जाए तो ग्रामीण पर्यटन न केवल रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा, बल्कि गांवों की सांस्कृतिक पहचान को भी नई मजबूती मिलेगी।कार्यक्रम के दौरान उपस्थित शिक्षकों एवं प्रतिभागियों ने छात्रा के विचारों और आत्मविश्वास की सराहना की। सीमित संसाधनों के बीच ग्रामीण अंचल की छात्रा का राज्य स्तरीय मंच पर अपनी बात प्रभावशाली ढंग से रखना क्षेत्र के लिए गर्व का विषय माना जा रहा है।छात्रा के इस सफल पेपर प्रेजेंटेशन में महाविद्यालय के प्राचार्य रंजीत कुमार सातपुते, प्रशासनिक अधिकारी धीरेन्द्र कुमार, इतिहास के अतिथि प्राध्यापक सचिन मिंज तथा अतिथि प्राध्यापक पिंटू कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। महाविद्यालय परिवार ने आस्था गिरी के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए इसे पूरे संस्थान के लिए प्रेरणादायी उपलब्धि बताया है।