जेल की सलाखों के पीछे भी अधिकारों की रोशनी, जिला जेल सूरजपुर में बंदियों की सुविधाओं और विधिक सहायता का जायजा
सूरजपुर। जेल की चारदीवारी के भीतर जीवन भले ही सीमित हो, लेकिन वहां रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति के मूलभूत अधिकार, स्वास्थ्य और न्याय तक पहुंच का महत्व कम नहीं होता। इसी मानवीय सरोकार को ध्यान में रखते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर श्री थॉमस एक्का की अध्यक्षता में जिला जेल का निरीक्षण किया गया। इस दौरान बंदियों को मिल रही सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं, भोजन व्यवस्था और विधिक सहायता की स्थिति की बारीकी से समीक्षा की गई।निरीक्षण के दौरान जेल अधीक्षक से बंदियों के लिए उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की जानकारी ली गई। खाद्य सामग्री, भोजन की गुणवत्ता, साफ-सफाई और दैनिक आवश्यकताओं से जुड़ी व्यवस्थाओं पर चर्चा करते हुए जेल मैनुअल के अनुरूप सभी जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
भोजनालय और चिकित्सा केंद्र का किया अवलोकन
संयुक्त निरीक्षण दल ने जेल के भोजनालय का जायजा लिया। बंदियों के लिए तैयार किए जा रहे भोजन की गुणवत्ता और रसोई की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया गया। इसके साथ ही चिकित्सा केंद्र पहुंचकर स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता तथा निरुद्ध व्यक्तियों को दी जा रही उपचार सेवाओं के संबंध में जानकारी प्राप्त की गई। निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना रहा कि बंदियों की सेहत और आवश्यक देखभाल से जुड़े विषयों में किसी तरह की अनदेखी न हो।
बैरकों में पहुंचकर बंदियों से सीधा संवाद
निरीक्षण दल ने जेल की विभिन्न बैरकों में जाकर बंदियों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। स्वास्थ्य, कानूनी सहायता तथा अन्य आवश्यकताओं को लेकर बंदियों से जानकारी ली गई। उनके द्वारा रखे गए विषयों पर उपलब्ध विधिक उपायों और सहायता के संबंध में जरूरी मार्गदर्शन दिया गया।इस दौरान बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, जमानत, पैरोल और विधिक सहायता प्राप्त करने की प्रक्रिया के बारे में भी समझाया गया। पात्र बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की व्यवस्था से अवगत कराया गया, ताकि आर्थिक कठिनाइयों के कारण कोई व्यक्ति न्यायिक सहायता से वंचित न रहे।
अधिकारों की जानकारी और सुविधाओं पर विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान इस बात पर जोर दिया गया कि जेल में निरुद्ध प्रत्येक पात्र व्यक्ति को अपने अधिकारों की जानकारी हो और जरूरत पड़ने पर उसे उचित कानूनी सहयोग मिल सके। साथ ही बंदियों की बुनियादी जरूरतों, स्वच्छता और स्वास्थ्य संबंधी सेवाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश जेल प्रशासन को दिए गए।इस अवसर पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश श्री आनंद प्रकाश वारियाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव सुश्री पायल टोपनो, अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, जिला जेल अधीक्षक श्री विक्रम गुप्ता, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री प्रशांत सिंह, चीफ लीगल एड डिफेंस कौंसिल श्री हृदयनारायण श्रीवास्तव, अन्य डिफेंस कौंसिल, अधिवक्ता श्री मनोज सिंह, जेल स्टाफ और पी.एल.व्ही. उपस्थित रहे।