बिजली दफ्तर में घुसकर जेई से गाली-गलौज और जान से मारने की धमकी, पिता-पुत्रों समेत 3 पर FIR
दुकान का कनेक्शन काटे जाने से भड़का विवाद, कार्यालय में हंगामा कर शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप; वीडियो और शिकायत के आधार पर पुलिस की कार्रवाई
सूरजपुर। बिजली कनेक्शन काटे जाने से नाराज तीन लोगों ने विद्युत विभाग के कार्यालय में पहुंचकर कनिष्ठ अभियंता के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। शासकीय कार्यालय में हुए इस घटनाक्रम से कर्मचारियों की सुरक्षा और सरकारी कामकाज के दौरान बढ़ते दबाव को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। मामले में कनिष्ठ अभियंता की लिखित शिकायत और घटना के वीडियो के आधार पर सूरजपुर थाना पुलिस ने पिता और उनके दो बेटों के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) के सूरजपुर मानपुर स्थित कार्यालय में 24 सितंबर को शाम करीब 4:40 बजे कनिष्ठ अभियंता अनुराग सिन्हा (35), निवासी सत्तीपारा, अंबिकापुर, शासकीय कार्य कर रहे थे। इसी दौरान वार्ड क्रमांक 04, नमदगिरी रोड निवासी अनिल कुमार गुप्ता अपने दो बेटों अंकुश गुप्ता और अंकुर उर्फ अंकित गुप्ता के साथ कार्यालय पहुंचे। आरोप है कि तीनों ने दुकान का बिजली कनेक्शन काटने के लिए लाइनमैन भेजे जाने पर आपत्ति जताते हुए कनिष्ठ अभियंता से विवाद शुरू कर दिया।
स्थायी कनेक्शन विच्छेदन के आदेश पर समझाने के बाद बढ़ा विवाद
पुलिस में दर्ज शिकायत के मुताबिक, कनिष्ठ अभियंता ने आरोपियों को बताया कि वरिष्ठ कार्यालय से स्थायी विच्छेदन (Permanent Disconnection) का आदेश प्राप्त होने के बाद ही नियमानुसार बिजली कनेक्शन काटने की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि, इस स्पष्टीकरण के बाद भी विवाद शांत नहीं हुआ। आरोप है कि तीनों ने कार्यालय में ही कनिष्ठ अभियंता के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी।सरकारी कार्यालय में इस तरह का हंगामा होने से वहां मौजूद कर्मचारी भी असहज हो गए। स्थिति बिगड़ती देख सहकर्मी नवनीत सिंह, बी.एस. मरकाम और विक्रम सिंह ने बीच-बचाव किया। उन्होंने आरोपियों को समझाकर कार्यालय से बाहर निकाला, जिसके बाद कनिष्ठ अभियंता ने पुलिस से शिकायत की।
दवा दुकान का लाइसेंस निरस्त होने का भी उल्लेख
विवादित दुकान को लेकर यह जानकारी भी सामने आई है कि आरोपी अंकुश गुप्ता, पिता अनिल कुमार गुप्ता, द्वारा कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर प्राप्त दवा विक्रय लाइसेंस को कुछ माह पूर्व खाद्य एवं औषधि विभाग द्वारा निरस्त किया जा चुका है। बिजली कनेक्शन काटे जाने और दुकान से जुड़े पूर्व विवादों के बीच इस तथ्य का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, लाइसेंस निरस्तीकरण की परिस्थितियों और उसके आधिकारिक आदेश की स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं की गई है।
शिकायत और वीडियो के आधार पर पुलिस की कार्रवाई
घटना के बाद कनिष्ठ अभियंता अनुराग सिन्हा ने सूरजपुर थाने में लिखित आवेदन प्रस्तुत किया। शिकायत के अनुसार, कार्यालय में गाली-गलौज, धमकी और शासकीय कार्य में व्यवधान की घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी कथित तौर पर अभद्र व्यवहार करते नजर आ रहे हैं।पुलिस ने अंकुश गुप्ता, अंकुर उर्फ अंकित गुप्ता और अनिल कुमार गुप्ता के खिलाफ गाली-गलौज, धमकी देने और शासकीय कार्य में बाधा डालने से संबंधित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज किया है। मामले की विवेचना पुलिस द्वारा की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर आगे की कार्रवाई विवेचना और पुलिस प्रक्रिया के आधार पर की जाएगी।कुलमिलाकर सरकारी कार्यालय में अधिकारी-कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार का यह मामला एक बार फिर इस सवाल को सामने लाता है कि जनसेवा से जुड़े संस्थानों में काम करने वाले कर्मचारियों को भयमुक्त माहौल कब मिलेगा। बिजली कनेक्शन से जुड़े विवाद का समाधान नियमों और निर्धारित प्रक्रिया के तहत किया जा सकता है, लेकिन कार्यालय में घुसकर कथित धमकी और अभद्रता का आरोप सरकारी कामकाज की गरिमा से जुड़ा गंभीर विषय बन गया है।
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