सरना स्थलों की मिट्टी से जुड़ी संस्कृति को सहेजने विधायक टोप्पो की पहल, बैगाओं और सरपंचों के साथ संरक्षण का संकल्प
सीतापुर। किसी समाज की पहचान केवल उसके विकास और आधुनिक सुविधाओं से नहीं, बल्कि अपनी जड़ों, परंपराओं और पूर्वजों से मिली विरासत को संजोकर रखने से भी होती है। इसी सांस्कृतिक जिम्मेदारी को आगे बढ़ाने की दिशा में सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। विधानसभा क्षेत्र में पहली बार ग्राम बैगाओं एवं सरपंचों के साथ बैठक आयोजित कर सरना पूजा स्थलों के संरक्षण, विकास और पारंपरिक रीति-रिवाजों को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने पर विचार-विमर्श किया गया।बैठक की शुरुआत पारंपरिक बैगा पद्धति से सरना पूजा के साथ हुई। इस दौरान विधायक टोप्पो ने कहा कि गांवों के बैगा पीढ़ियों से प्रकृति, ग्राम देवस्थलों और धार्मिक परंपराओं को जीवंत बनाए हुए हैं। उनकी आस्था और परंपराएं हमारी सांस्कृतिक धरोहर हैं, जिन्हें सुरक्षित रखना केवल आज की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के प्रति हमारा दायित्व भी है।उन्होंने सीतापुर विकासखंड की ग्राम पंचायतों में मौजूद सरना स्थलों के व्यवस्थित विकास पर जोर देते हुए साल वृक्षों के संरक्षण, पूजा स्थलों पर चबूतरा निर्माण, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की आवश्यकता बताई। सरना पूजा के सुचारु संचालन एवं परंपराओं को संरक्षित रखने के लिए सरना समिति के गठन का प्रस्ताव भी बैठक में रखा गया।
महाशिवरात्रि पर विभिन्न देवस्थलों से चोरकीपानी मंदिर तक पहुंचेगा पवित्र जल
बैठक में निर्माणाधीन चोरकीपानी महादेव मंदिर को लेकर भी एक विशेष प्रस्ताव सामने आया। आगामी महाशिवरात्रि के अवसर पर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न ग्रामों के देवस्थलों और जलस्रोतों से पवित्र जल एकत्र कर मंदिर के गर्भगृह में अर्पित करने की योजना पर चर्चा हुई। उपस्थित बैगाओं और सरपंचों ने इस पहल का स्वागत करते हुए अपनी सहमति और सुझाव दिए। उनके लिए यह केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि अपनी आस्था और सामुदायिक सहभागिता से जुड़ने का अवसर है।
विधायक रामकुमार टोप्पो ने कहा कि सरना पूजा प्रकृति के प्रति सम्मान और आस्था की प्राचीन परंपरा है। आज के बदलते दौर में युवाओं को अपनी संस्कृति, धर्म और विरासत से जोड़ना बेहद जरूरी है, ताकि आधुनिकता की दौड़ में हमारी पहचान और परंपराओं की जड़ें कमजोर न पड़ें। उन्होंने युवाओं से अपनी सांस्कृतिक जड़ों को समझने तथा पारंपरिक विरासत के संरक्षण में भागीदारी निभाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प में विकास का अर्थ केवल सड़क, भवन और अन्य अधोसंरचनाओं का निर्माण नहीं है। अपनी संस्कृति, परंपराओं और विरासत को सुरक्षित रखते हुए क्षेत्र का समग्र विकास करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है।
बैठक में चोरकीपानी मंदिर समिति के अध्यक्ष केदार गुप्ता सहित समिति के पदाधिकारी, भाजपा मंडल अध्यक्ष त्रिलोचन सदावर्ती, विधायक प्रतिनिधि श्रवण दास, मंडल उपाध्यक्ष, महामंत्री एवं अन्य पदाधिकारी, एमएलए एजुकेशन कोर समिति के अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता, नगर पंचायत के पार्षदगण तथा सीतापुर ब्लॉक की विभिन्न ग्राम पंचायतों के सरपंच एवं ग्राम बैगा मौजूद रहे।
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