नियमों की जानकारी से जिम्मेदार सफर की ओर बढ़े कदम, न्यायालय परिसर में सड़क सुरक्षा का संदेश

नियमों की जानकारी से जिम्मेदार सफर की ओर बढ़े कदम, न्यायालय परिसर में सड़क सुरक्षा का संदेश

मोटर वाहन अधिनियम पर विशेष जागरूकता शिविर, 83 पात्र लोगों की लर्निंग लाइसेंस प्रक्रिया पूरी

सूरजपुर। सड़क पर वाहन चलाते समय एक छोटी-सी चूक कभी-कभी किसी परिवार की पूरी जिंदगी बदल देती है। इसी संवेदनशील पहलू को ध्यान में रखते हुए जिला न्यायालय परिसर सूरजपुर में मोटर वाहन अधिनियम और सड़क सुरक्षा को लेकर एक दिवसीय विशेष जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कानून की जानकारी के साथ सुरक्षित यातायात की जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सूरजपुर, जिला अधिवक्ता संघ एवं परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य अधिवक्ताओं, न्यायिक कर्मचारियों और अधिवक्ता लिपिकों को यातायात नियमों, वाहन संचालन से जुड़े कानूनी प्रावधानों तथा सड़क पर बरती जाने वाली सावधानियों से अवगत कराना रहा। आयोजन के दौरान पात्र प्रतिभागियों के लर्निंग ड्राइविंग लाइसेंस बनाने की प्रक्रिया भी मौके पर पूरी की गई। कुल 83 लोगों को इस सुविधा का लाभ मिला।

शिविर में परिवहन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने लाइसेंस बनवाने से जुड़ी प्रक्रिया समझाने के साथ मोटर वाहन अधिनियम के महत्वपूर्ण प्रावधानों और यातायात नियमों की जानकारी दी। न्यायालय परिसर में ही आवश्यक औपचारिकताएं पूरी होने से संबंधित लोगों को सुविधा मिली और उन्हें सुरक्षित वाहन संचालन के प्रति सजग रहने का अवसर भी मिला।

कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री थॉमस एक्का के मार्गदर्शन तथा प्राधिकरण की सचिव सुश्री पायल टोपनो के निर्देशन में हुआ। आयोजन को सफल बनाने में जिला अधिवक्ता संघ सूरजपुर की भी महत्वपूर्ण भूमिका रही। इस दौरान संघ के अध्यक्ष, अधिवक्तागण, न्यायिक कर्मचारी, अधिवक्ता लिपिक तथा परिवहन विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि सड़क सुरक्षा महज सरकारी विभागों की जिम्मेदारी तक सीमित नहीं है। वाहन चलाने वाले प्रत्येक व्यक्ति का व्यवहार सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की जिंदगी से जुड़ा होता है। हेलमेट पहनना, सीट बेल्ट लगाना, निर्धारित गति में वाहन चलाना और यातायात संकेतों का पालन करना जैसे छोटे-छोटे अनुशासन ही सुरक्षित सफर की मजबूत नींव बनते हैं।

शिविर ने कानून की जानकारी और व्यावहारिक सुविधा को एक साथ जोड़ते हुए न्यायालय परिसर से जुड़े लोगों के बीच सड़क सुरक्षा को लेकर जिम्मेदारी की भावना मजबूत करने का प्रयास किया। लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी होने के साथ यहां केवल दस्तावेज नहीं बने, बल्कि सुरक्षित यातायात के प्रति सजग रहने का संकल्प भी उभरा।