मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जलाया सेवा संकल्प का दीप, सूरजपुर में 4.11 लाख दीयों से गूंजा जनभागीदारी का संदेश
‘आशीर्वाद का दिया’ से रोशन हुआ जिला, घर-घर जले दीप; विकसित भारत 2047 के संकल्प में हर नागरिक की भागीदारी पर जोर
सूरजपुर। सूरजपुर में गुरुवार की शाम कुछ अलग ही रंग लेकर आई। शहर से गांव तक जब एक साथ दीप जले तो उनकी रोशनी में केवल उजाला नहीं, बल्कि सेवा, सहभागिता और बेहतर भविष्य की उम्मीद भी दिखाई दी। सेवा संकल्प अभियान की पहली पहल ‘आशीर्वाद का दिया’ के तहत जिले में 4 लाख 11 हजार 111 दीप प्रज्ज्वलित किए गए।
जिला मुख्यालय के रंगमंच में आयोजित जिला स्तरीय कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने शाम 7 बजे दीप प्रज्ज्वलित कर अभियान का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और नागरिकों ने भी दीप जलाकर अपनी सहभागिता दर्ज कराई।
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि ‘आशीर्वाद का दिया’ सेवा की भावना को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाने का माध्यम है। अगले एक महीने तक जिले में सेवा, जनसहभागिता और सामाजिक सरोकारों से जुड़े अलग-अलग आयोजन होंगे। इन गतिविधियों के जरिए सरकार की योजनाओं, विकास कार्यों और जनकल्याणकारी पहलों की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाई जाएगी।
उन्होंने कहा कि विकसित भारत 2047 केवल किसी एक संस्था या सरकार का लक्ष्य नहीं है। इस संकल्प को साकार करने के लिए समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी जरूरी है। गांव का किसान, महिला समूह की सदस्य, विद्यार्थी, युवा और आम नागरिक अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाएं तो विकास की यह यात्रा और व्यापक हो सकती है।
मंत्री ने केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं और निर्णयों का उल्लेख करते हुए जनधन योजना, स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल भुगतान, आयुष्मान भारत, आत्मनिर्भर भारत और प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहलों की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि इन प्रयासों का उद्देश्य समाज के अलग-अलग वर्गों तक सुविधाएं और अवसर पहुंचाना है।
लोक संस्कृति की रंगत ने बांधा समां
कार्यक्रम में सूरजपुर की आदिवासी संस्कृति और लोक परंपराओं की जीवंत झलक भी देखने को मिली। पारंपरिक वेशभूषा में कलाकारों ने लोकगीतों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों के साथ सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। मंच पर सजी यह रंगत जिले की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सामने ले आई।
चौखट से आंगन तक बिखरा उजाला
‘आशीर्वाद का दिया’ का असर जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं रहा। गांवों और कस्बों में भी लोगों ने अपने घरों में दीप जलाए। विद्यार्थियों, स्व-सहायता समूह की महिलाओं, हितग्राहियों, जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया।
शाम के अंधेरे में जब हजारों घरों की चौखटें रोशन हुईं तो यह आयोजन जनभागीदारी की एक तस्वीर बन गया। हर दीप अपने साथ सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी का एक छोटा-सा संदेश लेकर जला और सूरजपुर ने सामूहिक सहभागिता के जरिए विकसित भारत के संकल्प को आगे बढ़ाने की आवाज बुलंद की।