सड़क हादसों पर ब्रेक लगाने सरगुजा रेंज पुलिस का 'जनजागरूकता यातायात अभियान' शुरू: हेलमेट-सीटबेल्ट अनिवार्य, नशे में गाड़ी चलाई तो जेल की सैर
अम्बिकापुर ।सड़क पर लगातार बढ़ते हादसों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए सरगुजा रेंज पुलिस ने कमर कस ली है।इसी कड़ी में 1 नवंबर से 15 नवंबर तक सामूहिक सहभागिता से 'जनजागरूकता यातायात अभियान' चलाई जा रही है। आपकों बताते चलें कि पुलिस मुख्यालय के निर्देशों पर अम्बिकापुर समेत रेंज के सभी जिलों में थाने-चौकियां, बाजार, स्कूल और चौराहों पर जागरूकता कैंप लग रहे हैं। आईजी आईपीएस दीपक कुमार झा ने साफ लफ्जों में कहा- हेलमेट न लगाया, सीटबेल्ट न बांधी तो चालान कटेगा, नशे में गाड़ी दौड़ाई तो और सख्त कार्रवाई होगी। दरअसल बढ़ते हादसों ने सबको झकझोर दिया है। इसी कड़ी में रेंज के सभी पुलिस अधीक्षक को आदेश जारी कर अभियान की कमान सौंपी गई।इसका मुख्य मकसद सड़क दुर्घटनाओं पर लगाम लगाना, आम लोगों में ट्रैफिक नियमों का पाठ पढ़ाना और नाबालिगों को गाड़ी की चाबी से दूर रखना। जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक, पत्रकारों के साथ पुलिस टीम सड़कों पर उतर आई है। युवाओं को स्टंटबाजी से तौबा करा रही है, तो बच्चों को 'गाड़ी मत चलाओ' का मंत्र समझाया जा रहा है।
हेलमेट-सीटबेल्ट: अब बहाना नहीं चलेगा
आईजी आईपीएस श्री दीपक कुमार झा ने चेतावनी दी- बाइक सवारों के लिए हेलमेट, कार वालों के लिए सीटबेल्ट अब 'ऑप्शन' नहीं, 'मस्ट' है। गति सीमा लांघी, रेड लाइट जंप की या तीन सवारी तो सख्त वैधानिक कार्रवाई। नशे के नशे में गाड़ी चलाने वालों पर तो खास नजर रहेगी इनपर सख्त कार्रवाई तय है। बहरहाल "सुरक्षा पहले, स्पीड बाद में" यही संदेश दिया जा रहा है।अभियान में स्कूल-कॉलेज के छात्रों को खास तवज्जो दिया जा रहा है। उन्हें बताया जा रहा कि रोड सिग्नल का मतलब 'रुको' है, न कि 'भागो'। बाजारों में चालान कैंप के साथ जागरूकता रथ भी दौड़ रहे हैं। इसके अलावा रहवासियों से अपील भी जारी कर कहा गया है कि नियम मानो, जिंदगी बचाओ। अगर आप भी सड़क पर हैं, तो हेलमेट बांध लो, बेल्ट कस लो। हादसा टलेगा, परिवार हंसेगा।