सुशासन की असली तस्वीर: जब मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े पहुँचीं सीधे लोगों के बीच, सिलफिली बाजार में आत्मीय संवाद से आमजन में जगा भरोसा

सुशासन की असली तस्वीर: जब मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े पहुँचीं सीधे लोगों के बीच, सिलफिली बाजार में आत्मीय संवाद से आमजन में जगा भरोसा
सुशासन की असली तस्वीर: जब मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े पहुँचीं सीधे लोगों के बीच, सिलफिली बाजार में आत्मीय संवाद से आमजन में जगा भरोसा

रायपुर, 10 मई 2026।सुबह का समय…सिलफिली बाजार में रोज की तरह चहल-पहल थी। कहीं सब्जियों की दुकानें सजी थीं, तो कहीं ग्रामीण अपने छोटे-छोटे सामान लेकर बाजार पहुँचे थे। इसी बीच महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े अचानक आम लोगों के बीच पहुँचीं। न कोई औपचारिकता, न मंच और न ही किसी प्रकार का दिखावा… केवल लोगों की समस्याएँ सुनने और उन्हें समझने का एक सच्चा प्रयास दिखाई दिया।इस दरम्यान मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने बाजार में पैदल भ्रमण करते हुए दुकानदारों, ग्रामीण महिलाओं, बुजुर्गों और व्यापारियों से आत्मीय बातचीत की। उन्होंने लोगों का हालचाल जाना और उनकी दैनिक समस्याओं को गंभीरता से सुना। कई महिलाओं ने अपनी परेशानियाँ साझा कीं, तो व्यापारियों ने बाजार व्यवस्था और स्थानीय सुविधाओं से जुड़े मुद्दे बताए।लोगों के बीच मंत्री का सहज व्यवहार और संवेदनशीलता साफ दिखाई दे रही थी। उन्होंने मौके पर ही संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए समस्याओं के शीघ्र समाधान के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि आमजन की समस्याओं का त्वरित निराकरण शासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।इस दौरान मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने महिलाओं, बच्चों और जरूरतमंद वर्गों के लिए संचालित जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी भी लोगों को दी तथा पात्र हितग्राहियों से योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने की अपील की। कुलमिलाकर सिलफिली बाजार का यह दृश्य केवल एक औचक भ्रमण नहीं था, बल्कि जनता और शासन के बीच बढ़ते विश्वास, अपनापन और संवेदनशील सुशासन की एक जीवंत तस्वीर बनकर सामने आया।