मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर सेवा, संस्कार और खेल का संगम: आदिवासी गौरव के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब, जगतपुर बना उत्सव स्थल

मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर सेवा, संस्कार और खेल का संगम: आदिवासी गौरव के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब, जगतपुर बना उत्सव स्थल
मुख्यमंत्री के जन्मदिन पर सेवा, संस्कार और खेल का संगम: आदिवासी गौरव के सम्मान में उमड़ा जनसैलाब, जगतपुर बना उत्सव स्थल

रामानुजनगर।आदिवासी अस्मिता के प्रतीक और छत्तीसगढ़ के सरल, सहज व मिलनसार मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के जन्मदिवस पर रामानुजनगर विकासखंड के ग्राम पंचायत जगतपुर में भावनाओं और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा के जिला अध्यक्ष अजय श्याम की उपस्थिति में केक काटकर, फलदार वृक्ष लगाकर और ग्रामीण स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ कर जन्मदिन को सेवा और संस्कार के रूप में मनाया गया।कार्यक्रम में जिला महामंत्री सुंदरलाल सिंह, मंडल अध्यक्ष अनुसूचित जनजाति मोर्चा महेंद्र सिंह मरावी सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन मौजूद रहे। जैसे ही केक काटा गया, “मुख्यमंत्री जी अमर रहें” के नारों से पूरा जगतपुर गूंज उठा।

 हरियाली का संदेश, खेल भावना का संकल्प

मुख्यमंत्री के जन्मदिवस को केवल औपचारिक आयोजन तक सीमित न रखते हुए कार्यकर्ताओं ने फलदार वृक्ष लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। इसके साथ ही ग्रामीण स्तरीय क्रिकेट प्रतियोगिता का शुभारंभ कर युवाओं में खेल भावना और अनुशासन को बढ़ावा देने का संकल्प लिया गया।

 साधारण परिवार से मुख्यमंत्री तक का सफर

जिला अध्यक्ष अजय श्याम ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक साधारण परिवार से अपनी राजनीतिक यात्रा की शुरुआत पंच और सरपंच के रूप में की थी। संघर्ष, समर्पण और सेवा के बल पर आज वे छत्तीसगढ़ के पहले आदिवासी मुख्यमंत्री के रूप में प्रदेश का नेतृत्व कर रहे हैं।जिला महामंत्री सुंदरलाल सिंह ने भी उन्हें जन्मदिन की बधाई देते हुए आदिवासी समाज के गौरव और उनके जनहितैषी कार्यों की सराहना की।

 ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की रही वृहद सहभागिता

कार्यक्रम में जगतपुर के सरपंच दिलीप सिंह, मनोज प्रताप सिंह, गणपत सिंह, रामेश्वर सिंह, उपसरपंच वंशरूप सिंह पटेल, भोजन सिंह, भूपेश सिंह, सहदेव सिंह, नरेश सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित रहे। कुलमिलाकर जनसहभागिता से भरे इस आयोजन ने यह संदेश दिया कि जननेता का जन्मदिन केवल उत्सव नहीं, बल्कि समाज सेवा, पर्यावरण संरक्षण और युवाओं को प्रेरित करने का अवसर भी है।