सुशासन तिहार ने लौटाई उम्मीद की रोशनी: वर्षों की प्रतीक्षा के बाद बुजुर्ग फुलसाय को मिली पेंशन की सौगात, आंखों में छलक उठी राहत की चमक…

सुशासन तिहार ने लौटाई उम्मीद की रोशनी: वर्षों की प्रतीक्षा के बाद बुजुर्ग फुलसाय को मिली पेंशन की सौगात, आंखों में छलक उठी राहत की चमक…

 सूरजपुर।जिले में संचालित सुशासन तिहार 2026 अब केवल एक सरकारी अभियान नहीं, बल्कि आम लोगों के जीवन में राहत, भरोसा और उम्मीद का माध्यम बनता जा रहा है। गांव-गांव में आयोजित समाधान शिविरों में ग्रामीणों की समस्याओं का मौके पर ही निराकरण किया जा रहा है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं एवं जरूरतमंद परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।इसी क्रम में ग्राम पंचायत डाड़ंकरवा निवासी 60 वर्षीय बुजुर्ग श्री फुलसाय के जीवन में भी सुशासन तिहार नई उम्मीद की किरण बनकर आया। लंबे समय से वे पेंशन योजना का लाभ पाने की प्रतीक्षा कर रहे थे, लेकिन विभिन्न तकनीकी कारणों से उनका नाम लाभार्थी सूची में शामिल नहीं हो पा रहा था।थके कदमों और उम्मीद भरी निगाहों के साथ फुलसाय जब समाधान शिविर पहुंचे, तो उन्होंने अपनी समस्या अधिकारियों के सामने रखी। जिला प्रशासन ने संवेदनशीलता और तत्परता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई की तथा मौके पर ही उनका नाम पेंशन योजना में जोड़कर स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान कर दिया। पेंशन स्वीकृत होते ही फुलसाय की आंखें नम हो उठीं।  उन्होंने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के लिए शासकीय कार्यालयों के कई चक्कर लगाने पड़ते थे, जिससे काफी परेशानी होती थी। अब गांव में ही शिविर लगने से लोगों को बड़ी राहत मिल रही है।उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार समाज के हर वर्ग का ध्यान रखकर कार्य कर रही है तथा सुशासन तिहार के माध्यम से शासन स्वयं गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है।इसके साथ ही फुलसाय ने मुख्यमंत्री एवं जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह पहल जरूरतमंद लोगों के लिए किसी संबल से कम नहीं है। कुलमिलाकर जब व्यवस्था संवेदनशील हो जाए, तब बुजुर्ग आंखों की नमी भी राहत की मुस्कान में बदल जाती है…