जोधपुर से कामाख्या जा रही 15623 कामाख्या एक्सप्रेस में गुरुवार सुबह चोरी की घटना हुई। कटिहार रेल डिवीजन के कटिहार जंक्शन पहुंचने से पहले हुई इस वारदात ने यात्रियों में भय पैदा कर दिया है और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। ट्रेन की अलग-अलग बोगियों में सफर कर रहे आधे दर्जन से अधिक यात्रियों ने चोरी की शिकायत दर्ज कराई है। इनमें से अधिकतर घटनाएं एसी-2 कोच में हुईं, जिसे आमतौर पर सुरक्षित माना जाता है। कटिहार जंक्शन पहुंचने से पहले चोरी का एहसास हुआ यात्रियों ने बताया कि ट्रेन पटना से कटिहार के लिए रवाना हुई थी। इस दौरान यात्री अपनी सीटों पर गहरी नींद में सो रहे थे। कटिहार जंक्शन पहुंचने से पहले उन्हें चोरी का एहसास हुआ। चोरों ने सोए हुए यात्रियों के कीमती मोबाइल फोन, पर्स, नगदी और सोने के आभूषण चुरा लिए। जब यात्रियों ने अपना सामान चेक किया, तो उन्हें चोरी का पता चला। कई यात्रियों ने पाया कि वे अकेले नहीं, बल्कि कई अन्य लोग भी इस वारदात का शिकार हुए हैं। रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए कटिहार जंक्शन पहुंचते ही पीड़ित यात्रियों ने अपनी आपबीती बताई और रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए। एसी-2 कोच में यात्रा कर रहे कमलेश कुमार ने बताया कि ट्रेन में पर्याप्त सुरक्षाकर्मी नहीं थे और रात में गश्त की कोई व्यवस्था नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इसी का फायदा उठाकर चोरों ने उनकी पत्नी के बैग से 7,000 रुपये नकद, एक कीमती मोबाइल और आभूषण चुरा लिए। कोच में अन नेसेसरी वेंडर प्रवेश कर जाते हैं बनारस से सिलीगुड़ी (एनजेपी) जा रहे एक अन्य यात्री केशव कुमार ने भी अपने पर्स की चोरी होने की शिकायत की। गले में पहना हुआ चैन और उनका कीमती मोबाइल भी सोए हुए अवस्था में कर लेकर फरार हो गए। उनके अनुसार ट्रेन में इस तरह की वारदात प्राय होती रहती है जैसा की यात्री केशव को कोच अटेंडेंट ने बताया सिक्योरिटी की कोई मुकम्मल व्यवस्था नहीं है कोच में अन नेसेसरी वेंडर प्रवेश कर जाते हैं। यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग की है और कहा है कि वे इस पूरे मामले की शिकायत रेलवे बोर्ड से ऑनलाइन दर्ज कराएंगे।,फिलहाल घटना ने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चिंता बढ़ा दी है