प्रशासनिक कार्यों में क्रांति ई-ऑफिस लागू करने के कलेक्टर के कड़े निर्देश, समय-सीमा बैठक में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने पर मंथन
सूरजपुर, 22 जुलाई 2025। जिला प्रशासन ने प्रशासनिक कामकाज को और पारदर्शी, तेज और प्रभावी बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार को आयोजित समय-सीमा की साप्ताहिक बैठक में कलेक्टर श्री एस. जयवर्धन ने सभी विभागों को पूरी तरह से ई-ऑफिस प्रणाली लागू करने के कड़े निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य सरकारी कार्यों में गति, दक्षता और पारदर्शिता लाना है, जिससे न केवल प्रक्रियाएं सुगम होंगी, बल्कि मानव संसाधन और परिवहन लागत में भी उल्लेखनीय कमी आएगी।
ई-ऑफिस: प्रशासन में डिजिटल क्रांति
कलेक्टर ने बताया कि ई-ऑफिस एक एकीकृत फाइल और रिकॉर्ड प्रबंधन प्रणाली है, जो अधिकारियों और कर्मचारियों को डेटा प्रबंधन और खोज में सहायता प्रदान करेगी। इस प्रणाली से फाइलों पर नजर रखना आसान होगा और निर्णय लेने की प्रक्रिया तेज होगी। कलेक्टर ने सभी शासकीय कार्यालयों को तत्काल प्रभाव से ई-ऑफिस के माध्यम से कार्य शुरू करने और इसे गंभीरता से लागू करने का आदेश दिया।
यात्री सुरक्षा पर विशेष ध्यान
बैठक में यात्री सुरक्षा को लेकर भी महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने परिवहन विभाग को यात्री वाहनों, व्यवसायिक वाहनों और स्कूल बसों की सघन जांच और फिटनेस टेस्ट अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोपरि है और इसके लिए कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परिवहन विभाग के अधिकारियों को सभी वाहनों का फिटनेस टेस्ट सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई।
सभी विभागों की प्रगति पर नजर
समय-सीमा की बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों में लंबित और अपूर्ण कार्यों की प्रगति की गहन समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने और गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रेरित किया। बैठक में अपर कलेक्टर श्री जगन्नाथ वर्मा, सभी एसडीएम और संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।
पारदर्शी और सशक्त प्रशासन की ओर कदम
कलेक्टर के इन निर्देशों से सूरजपुर जिला प्रशासन में डिजिटल क्रांति और यात्री सुरक्षा के क्षेत्र में एक नया अध्याय शुरू होने की उम्मीद है। ई-ऑफिस प्रणाली लागू होने से जहां प्रशासनिक प्रक्रियाएं और पारदर्शी होंगी, वहीं वाहनों की नियमित जांच से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी। यह पहल न केवल जिला प्रशासन को सशक्त करेगी, बल्कि आम जनता को भी बेहतर सेवाएं प्रदान करने में मददगार साबित होगी।